अमित शाह ने रखा 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह ‘नशामुक्त’ बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का अहम लक्ष्य रखा है। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बड़े अभियान में सभी से सहयोग करने की अपील की। शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना के ‘विकसित भारत’ का रास्ता दरअसल एक नशामुक्त भारत के निर्माण से ही होकर गुजरता है।
‘नक्सलवाद के साये से बाहर निकल चुका है देश’
गृह मंत्री ने दावा किया कि इस साल 31 मार्च तक देश नक्सलवाद के साये से पूरी तरह बाहर निकल चुका है और अब राष्ट्र नशामुक्त होने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश को नशे से मुक्त करना युवाओं और राष्ट्र के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस दौरान कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, नक्सलवाद का खात्मा और ‘एक देश, एक कर’ (GST) व्यवस्था लागू करना शामिल है। गृह मंत्री के मुताबिक, इन तमाम सफलताओं के बीच नशामुक्त भारत का निर्माण सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।
2029 तक नशामुक्त भारत की अपील
गृह मंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया, “सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर मैं पूरे देश के लोगों से इस बड़े अभियान में भागीदारी की अपील करता हूं।”
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को नशे के जाल से बचाना और उनके लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करना इस लक्ष्य का सबसे अहम हिस्सा है।
सरदार पटेल ने 1,218 दिनों में रचा इतिहास
अपने संबोधन में अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब भारत आजाद हुआ था, तब दुनिया के कई राजनीतिक विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की थी कि यह नया देश बिखर जाएगा।
शाह ने कहा, “लेकिन आजादी के बाद महज 1,218 दिनों में सरदार पटेल ने वह काम कर दिखाया, जिसे दुनिया असंभव मान रही थी। जिस काम को नेताओं का एक पूरा समूह मिलकर शायद पूरी जिंदगी में नहीं कर पाता, उसे सरदार पटेल ने इतने कम समय में पूरा कर दिखाया और भारत को एकजुट किया।” गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने जिस एकजुट भारत की कल्पना की थी, वही देश आज पूरी दुनिया के सामने पूरे गर्व के साथ खड़ा है।
