होर्मुज जलडमरूमध्य में 4 तेल टैंकरों में लगी आग, ट्रंप ने की हमले की पुष्टि
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए हैं। हालांकि, उन्होंने मध्यावधि (Midterm) चुनावों के बाद किसी और सैन्य कार्रवाई की अटकलों को फिलहाल खारिज कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि वाशिंगटन जो चाहता था, वह उसे मिल रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे दोबारा हमला करने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
दूसरी तरफ, ईरान ने युद्ध की ओर वापस लौटने को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। तेहरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपना बचाव करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इन बढ़ते सैन्य तनावों के बीच, ईरान ने बुधवार को जानकारी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की कोशिश कर रहे चार तेल टैंकरों में नौसैनिक खदानों (Naval mines) से टकराने के बाद आग लग गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जलते तेल टैंकर
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक बयान के हवाले से स्टेट टीवी ने बताया, “होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में निषिद्ध मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहे चार गैर-अनुपालन वाले (Non-compliant) तेल टैंकर नौसैनिक खदानों से टकराने के बाद नष्ट हो गए और वे अभी भी जल रहे हैं।” IRGC के मुताबिक, दो अन्य गैर-अनुपालन वाले जहाजों को भी रोक दिया गया है। इसके अलावा, गार्ड्स ने जलडमरूमध्य के ऊपर एक ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है।
यह घटना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के ठीक एक दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े द्वीप ‘केशम’ (Qeshm) पर छापेमारी के बाद इस्लामिक गणराज्य पर हवाई हमले किए हैं।
ईरान का रुख: ‘युद्ध से किसी को फायदा नहीं’
सैन्य तनावों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने कूटनीतिक समाधान की वकालत की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार अभी भी कूटनीतिक रास्ते तलाश रही है और नए सिरे से शुरू होने वाले संघर्ष से किसी को भी फायदा नहीं होगा। पेजेशकियन ने यह भी बताया कि हाल ही में उनकी सरकार को कुछ नई शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे वे उन मुद्दों पर भी बातचीत कर सकेंगे, जिन्हें पहले ‘ऑफ-लिमिट’ (प्रतिबंधित) माना जाता था।
होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद अहम मार्ग है। ईरान इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण होने का दावा करता है। युद्ध शुरू होने के बाद से ही तेहरान ने उन जहाजों को लगातार निशाना बनाया है जो उसकी अनुमति के बिना इस मार्ग को पार करने की कोशिश करते हैं।
अब देखना यह होगा कि दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव किस ओर मुड़ता है और क्या कूटनीतिक बातचीत से इस तनाव को शांत किया जा सकेगा या फिर यह खाड़ी क्षेत्र में किसी बड़े संकट का रूप ले लेगा।
