मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को लगा बड़ा झटका: डेमोक्रेट्स ने हाउस पर किया कब्जा, सीनेट में भी ‘ब्लू वेव’ का असर
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में बहुमत हासिल कर लिया है। इन नतीजों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। सीएनएन और सीएनबीसी के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने हाउस पर कब्जा जमा लिया है और वे अब सीनेट (Senate) में भी बहुमत के काफी करीब पहुंच गए हैं।
चुनाव के इन नतीजों ने विपक्ष को ट्रंप के विधायी एजेंडे को रोकने और उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के आखिरी दो सालों में प्रशासन की जांच शुरू करने की अहम ताकत दे दी है। पूरे देश में हुए ये चुनाव ट्रंप के उस कार्यकाल पर एक तरह का जनमत संग्रह माने जा रहे हैं, जो बढ़ती महंगाई, टैरिफ और ईरान के खिलाफ युद्ध के चलते उथल-पुथल भरा रहा है।
साउथ कैरोलिना और नॉर्थ कैरोलिना में बड़े उलटफेर
चुनाव की रात के सबसे बड़े झटकों में से एक साउथ कैरोलिना से सामने आया। मीडिया अनुमानों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार और बाल रोग विशेषज्ञ एनी एंड्रयूज ने डार्लिन ग्राहम को हरा दिया है। ग्राहम को ट्रंप का समर्थन हासिल था और जुलाई में उनके भाई व रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद उन्हें मैदान में उतारा गया था। 1998 के बाद से इस बेहद रूढ़िवादी राज्य में डेमोक्रेट्स ने कभी सीनेट का चुनाव नहीं जीता था।
इसी तरह का एक और बड़ा उलटफेर नॉर्थ कैरोलिना में देखने को मिला, जहां लोकप्रिय पूर्व गवर्नर और डेमोक्रेट उम्मीदवार रॉय कूपर ने ट्रंप द्वारा चुने गए रिपब्लिकन उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी।
जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेट्स का दबदबा बरकरार
डेमोक्रेटिक पार्टी ने जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर की महत्वपूर्ण सीनेट सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। जॉर्जिया में पार्टी के उभरते सितारे जॉन ओसॉफ ने फिर से चुनाव जीत लिया है। वहीं, न्यू हैम्पशायर में क्रिस पैपास ने पूर्व सीनेटर जॉन सुनुनु को मात दी है।
चुनाव के दिन रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट में 53-47 का बहुमत था और डेमोक्रेट्स को नियंत्रण हासिल करने के लिए चार सीटों के नेट गेन (शुद्ध लाभ) की जरूरत थी। रिपब्लिकन की दो सीटें पहले ही पलट चुकी हैं और ऊपरी सदन के लिए संघर्ष अभी भी जारी है।
‘ब्लू वेव’ का असर और ऐतिहासिक जीत
इंडियाना में डेमोक्रेट जे.डी. फोर्ड ने रिपब्लिकन कांग्रेस महिला विक्टोरिया स्पार्ट्ज को हरा दिया है। फोर्ड ने उस जिले पर कब्जा जमाया है, जहां 2024 में ट्रंप ने 17 प्रतिशत अंकों के अंतर से जीत दर्ज की थी। राजनीतिक विश्लेषकों ने इस जीत को ‘ब्लू वेव’ (डेमोक्रेट्स की लहर) की शुरुआती चेतावनी माना था।
जॉर्जिया के गवर्नर चुनाव में एक नया इतिहास रचा गया है। अटलांटा की पूर्व डेमोक्रेटिक मेयर कीशा लांस बॉटम्स ने चुनाव जीत लिया है। वह अमेरिकी इतिहास में गवर्नर चुनी जाने वाली पहली अश्वेत महिला बन गई हैं। इस जीत के साथ जॉर्जिया में 24 साल का रिपब्लिकन शासन समाप्त हो गया है। फ्लोरिडा में ट्रंप समर्थित बायरन डोनाल्ड्स ने गवर्नर का चुनाव जीता और वे भी राज्य के पहले अश्वेत गवर्नर बने हैं।
जॉर्जिया से अपनी जीत के बाद सीनेटर जॉन ओसॉफ ने डेमोक्रेटिक पार्टी की सफलताओं को ट्रंप की “भ्रष्टता और अक्षमता” को जनता द्वारा नकारे जाने का प्रतीक बताया।
व्हाइट हाउस का रुख ‘आक्रामक’
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्हाइट हाउस अधिकारी ने चुनाव परिणामों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के इर्द-गिर्द का माहौल “आक्रामक” बताया है। अधिकारी ने चेतावनी दी कि ट्रंप चुनाव नतीजों की परवाह किए बिना ‘रेडिकल लेफ्ट’ का कड़ा विरोध करेंगे। अधिकारी ने साफ कहा- “तैयार हो जाइए (Buckle up)।”
चुनाव से एक दिन पहले फॉक्स न्यूज से बातचीत में 80 वर्षीय ट्रंप ने अपने फैसलों का बचाव करते हुए टैरिफ, आव्रजन नीतियों और ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, “हमें अमेरिका को महान बनाए रखना है। हम अब महान हैं। दो साल पहले हमारी हालत खराब थी।” सोमवार को एक पॉडकास्ट में ट्रंप ने विपक्षी कांग्रेस के आने की स्थिति पर कहा था, “मैं हर चीज पर वीटो करूंगा,” हालांकि बाद में उन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ बातचीत की गुंजाइश भी छोड़ी थी।
