दीया मिर्जा के ‘पटाखे न फोड़ने’ की अपील पर सियासी संग्राम: BJP-शिवसेना ने बताया हिंदुत्व विरोधी, कांग्रेस ने किया बचाव
मुंबई में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी एक वीडियो पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस कैंपेन वीडियो में बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे लोगों से दिवाली पर पटाखे न फोड़ने की अपील करते नजर आए थे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना की तरफ से तीखी आलोचना और विरोध के बाद बीएमसी ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटा लिया है। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने मिर्जा पर दीवाली की सदियों पुरानी परंपरा का विरोध करने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस और कुछ अन्य नेताओं ने एक्ट्रेस का समर्थन किया है।
दीया मिर्जा की सफाई- ‘जनहित में रिकॉर्ड कराया वीडियो’
सियासी हंगामे के बीच दीया मिर्जा ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि माननीय बॉम्बे हाईकोर्ट और बीएमसी के निर्देश पर जनहित में रिकॉर्ड किए गए वीडियो की कोई आलोचना क्यों करेगा। मिर्जा ने कहा कि वायु प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय है जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए प्रदूषण कम करने की सभी कोशिशों का स्वागत होना चाहिए।
सत्ता पक्ष का हमला- ‘हिंदुओं को मिर्जा से सीखने की जरूरत नहीं’
विवाद के बाद सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने मिर्जा को सीधे निशाने पर लिया है। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने उन्हें सरकार विरोधी करार देते हुए कहा कि मिर्जा का पिछला रिकॉर्ड नर्मदा परियोजना, यूसीसी (UCC) और पीएम मोदी का विरोध करने का रहा है। तावड़े ने कहा कि उनका विरोध लगातार हिंदुत्व के खिलाफ ही रहा है, हिंदू अपनी दीवाली कैसे मनाएं, यह उन्हें दीया मिर्जा से सीखने की जरूरत नहीं है।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने एक्ट्रेस पर दिवाली की परंपराओं का विरोध करने का आरोप लगाया। निरुपम ने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी अपने समुदाय के लोगों द्वारा सड़कों पर नमाज पढ़ने का विरोध किया है। राज्य मंत्री नितेश राणे ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि दीया मिर्जा केवल पर्यावरण के अनुकूल होली की बात करती हैं, लेकिन ईद या बकरीद के समय चुप रहती हैं। राणे ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से बात करने की बात कही है। शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने भी बयान दिया कि दिवाली से एक खास सांस्कृतिक पहचान जुड़ी है और किसी को भी पटाखे फोड़ने पर ज्ञान देने से पहले आत्म-चिंतन करना चाहिए।
विपक्ष का पलटवार- ‘चुनिंदा आक्रोश और पाखंड’
दीया मिर्जा के बचाव में उतरे कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि अभिनेत्री ने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने सत्ता पक्ष के विरोध को ‘विकृत मानसिकता’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसका मकसद देश की एकता को भंग करना है।
एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान ने भी विरोध करने वालों को घेरा। उन्होंने याद दिलाया कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुद ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे न फोड़ने के निर्देश जारी किए हैं। पठान ने इस आक्रोश को चुनिंदा बताते हुए इसे पाखंड और दोहरा रवैया करार दिया।
‘यह किसी एक समुदाय का मामला नहीं’
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह किसी एक समुदाय का मुद्दा नहीं है। संविधान हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का अधिकार देता है। अठावले ने कहा कि जिस तरह हिंदू समुदाय मुसलमानों के त्योहारों का सम्मान करता है, उसी तरह हिंदू भी दिवाली मनाते हैं। उन्होंने जोड़ा कि अत्यधिक प्रदूषण को लेकर चिंता होनी चाहिए, लेकिन अगर पटाखे न जलाएं जाएं तो दीवाली का महत्व कुछ कम हो सकता है।
