‘13.5 करोड़ वोट काटे गए, 2024 का चुनाव गैर-कानूनी था’; रामलीला मैदान से राहुल गांधी का PM मोदी और ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला

rahul gandhi

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही।

‘2024 का चुनाव गैर-कानूनी था, 15% वोट काटे गए’

राहुल गांधी ने चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “2024 के चुनावों के बाद मतदाता सूची से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। हर सात में से एक मतदाता का नाम हटा दिया गया। 2024 में NDA और हमारे बीच सिर्फ 3 फीसदी वोटों का अंतर था, लेकिन उसके बाद मतदाता सूची से 15 फीसदी मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। इसका मतलब है कि 2024 का चुनाव गैर-कानूनी था।”

‘ज्ञानेश कुमार के बिना मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते’

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि देश को वापस सही रास्ते पर लाने का पहला कदम ज्ञानेश कुमार को हटाना है। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “ज्ञानेश कुमार के बिना मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते। ज्ञानेश कुमार को जाना होगा।” राहुल ने स्पष्ट किया कि CEC के बाद विपक्ष उनके (सत्ता पक्ष के) खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।

अमित शाह के बयान पर राहुल का पलटवार: ‘मोदी कहीं जा ही नहीं सकते’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा, “अमित शाह ने कहा था कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे हैं। मैं आपसे इसके उलट कह रहा हूं कि नरेंद्र मोदी कहीं जा ही नहीं सकते। अगर वह जाना भी चाहें तो हम उन्हें जाने नहीं देंगे।”

‘हमें दो-तीन लोगों का देश नहीं चाहिए’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में देश के संविधान को सर्वोपरि बताते हुए कहा, “शिव की बारात में कोई भी शामिल हो सकता है। हर जीव इसमें शामिल हो सकता है। क्या किसी को इसमें हिस्सा लेने से रोका जा सकता है? नहीं। हम ऐसा ही भारत चाहते हैं। अगर कोई किसान मेहनत करता है तो उसे फल मिलना चाहिए, छात्र 18 घंटे पढ़ता है तो उसे रोजगार मिलना चाहिए। हमें ऐसा देश नहीं चाहिए जो सिर्फ दो-तीन लोगों का हो।”