जौहर ट्रस्ट की जांच में फंसे आजम खान, गाजियाबाद कोर्ट में पेशी के बाद आगे क्या?
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को रामपुर जेल से रिहाई मिलने के कुछ ही मिनटों बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ईडी रविवार (आज) उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है। यह गिरफ्तारी ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ और ‘जौहर यूनिवर्सिटी’ से जुड़े 494 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।
रात में दिल्ली लेकर पहुंची ED की टीम
शनिवार को आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जेल से बाहर निकले थे। इसी दौरान पहले से मौजूद ईडी की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। अब्दुल्ला आजम तो घर चले गए, लेकिन ईडी आजम खान को अपने साथ ले गई। देर रात तक यह चर्चा थी कि टीम उन्हें कहां लेकर जाएगी, लेकिन ताजा जानकारी के अनुसार ईडी उन्हें दिल्ली लेकर पहुंची है। अब रविवार सुबह करीब 11 बजे उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी अदालत से पूछताछ के लिए आजम खान की कस्टडी रिमांड मांग सकती है।
क्या है 494 करोड़ रुपये का मनी लॉन्ड्रिंग मामला?
ईडी ने वर्ष 2019 में मिली एक शिकायत के आधार पर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान लगभग 494 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन का कोई हिसाब नहीं मिलने का दावा किया गया है। इसी आधार पर जांच आगे बढ़ी। 13 अक्टूबर को ईडी की टीम रामपुर जेल भी पहुंची थी, जहां उन्होंने आजम खान से पूछताछ की थी।
11 महीने बाद मिली थी जमानत
बता दें कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को ‘दो पैन कार्ड’ रखने के मामले में रामपुर की अदालत ने नवंबर 2025 में सात-सात साल की सजा सुनाई थी। वे 11 महीने से जेल में बंद थे। 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाते हुए जमानत दे दी थी, लेकिन बाहर आते ही उन पर फिर शिकंजा कस गया।
आजम खान का दर्द: ‘मुसलमान होने की मिल रही सजा’
गिरफ्तारी के तुरंत बाद आजम खान ने मीडिया से कहा कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है। उनका आरोप था कि एक मुस्लिम व्यक्ति ने यूनिवर्सिटी और बच्चों के स्कूल बनाए, बस यही उनका गुनाह बन गया।
वहीं, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजम खान के समर्थन में सरकार और एजेंसियों पर निशाना साधा। उन्होंने ईडी की इस कार्रवाई को साजिश और निंदनीय करार देते हुए कहा कि ‘वक्त बदलने पर तख्त भी बदल जाते हैं’।
अब सबकी नजरें गाजियाबाद की अदालत पर टिकी हैं कि क्या ईडी को पूछताछ के लिए आजम खान की कस्टडी मिलती है या नहीं।
