श्रद्धा दुबे CCTV फुटेज: शिवा शर्मा केस में नया मोड़, 20 मई का वीडियो आया सामने

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लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा मौत मामले में एक नया पहलू सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब श्रद्धा दुबे का एक पुराना सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जो 20 मई 2026 का बताया जा रहा है। यह वीडियो शिवा शर्मा की मौत की घटना से करीब चार महीने पहले का है, जिसके चलते इसे सीधे तौर पर घटना की रात का फुटेज नहीं बल्कि श्रद्धा की उस समय की गतिविधियों से जुड़ा विजुअल माना जा रहा है।

देर रात पार्टी से लौटती दिखीं श्रद्धा

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा दुबे देर रात सीढ़ियों से अपने फ्लैट की ओर जाती हुई दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो को श्रद्धा की दिनचर्या और उस समय की गतिविधियों को समझने के लिहाज से देखा जा रहा है। हालांकि, केवल इस फुटेज से यह स्पष्ट नहीं होता कि उस रात वह किस पार्टी में गई थीं, वहां कौन-कौन मौजूद था या पार्टी के बाद फ्लैट पर क्या हुआ था। इन सवालों के जवाब के लिए पुलिस अन्य डिजिटल सबूतों और जांच पर निर्भर है।

9 अक्टूबर की घटना और CCTV की अहमियत

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को शिवा शर्मा अवध ग्रीन अपार्टमेंट में श्रद्धा दुबे के फ्लैट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। घटना के बाद सामने आए अन्य सीसीटीवी फुटेज में उनके गिरने के तुरंत बाद लोगों के मौके पर पहुंचने और उन्हें अस्पताल ले जाने के दृश्य कैद हुए थे। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि शिवा चौथी मंजिल से किन परिस्थितियों में नीचे गिरे। फुटेज से यह तो साफ हुआ कि वह श्रद्धा के फ्लैट से गिरे थे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह आत्महत्या थी या उन्हें धक्का दिया गया था।

घटना वाली शाम करीब 6:45 बजे शिवा के गिरने के बाद उन्हें पहले निजी अस्पताल और फिर लोहिया अस्पताल तथा KGMU ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। पुलिस इस मामले में एक सफेद रंग की एसयूवी (Audi) की भी जांच कर रही है, जो शिवा के गिरने के करीब 15 मिनट बाद अपार्टमेंट के पास पहुंची थी।

न्यायिक हिरासत में आरोपी और आगे की जांच

इस मामले में पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उनकी बहन और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, तीनों को 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस घटना से पहले के विवाद, संभावित परिस्थितियों और घटना के बाद लखनऊ छोड़ने जैसे तमाम पहलुओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि 20 मई का यह पुराना सीसीटीवी अपने आप में कोई निर्णायक सबूत नहीं है, लेकिन कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के साथ मेल खाने पर यह जांच में मददगार साबित हो सकता है।