यूपी में अमित शाह संभालेंगे BJP का चुनावी मोर्चा, 30-31 अक्टूबर को महामंथन
उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में 30 और 31 अक्टूबर को होने वाली यूपी बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी तय मानी जा रही है। शाह इस बैठक में न केवल राज्य के शीर्ष नेतृत्व के साथ चुनावी समीकरणों पर मंथन करेंगे, बल्कि जमीनी स्तर के बूथ कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद भी स्थापित करेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी इस दो दिवसीय बैठक में एक दिन के लिए शामिल हो सकते हैं।
सीएम योगी और शीर्ष नेतृत्व रहेगा मौजूद
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप-मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल और यूपी बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े समेत राज्य के सभी प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। इसके अलावा प्रदेश कार्यसमिति के सभी सदस्यों की मौजूदगी भी रहेगी। यह बैठक सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव के पूरे रोडमैप की दिशा तय करने का मुख्य केंद्र बनेगी।
बूथ स्तर की मजबूती पर अमित शाह का खास जोर
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह आने वाले हफ्तों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ विशेष बैठकें कर सकते हैं। यह कदम शाह की उस परखी हुई चुनावी कार्यशैली का हिस्सा है, जिसके तहत वे सीधे पन्ना प्रमुखों और बूथ प्रभारियों से संवाद कर संगठन की धरातलीय मजबूती का आकलन करते हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य शीर्ष नेतृत्व की प्राथमिकताओं को सीधे जमीन पर उतारना और बड़े नेताओं व स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच संवाद की खाई को पाटना है।
शीर्ष रणनीति और जमीनी कार्यकर्ताओं का सीधा तालमेल
अमित शाह का यह दौरा बीजेपी की बहुस्तरीय रणनीति को दर्शाता है। पार्टी एक तरफ शीर्ष स्तर पर चुनावी समीकरणों और मुद्दों को साधने की दिशा तय कर रही है, तो दूसरी तरफ बूथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर आम जनता से सीधा संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रही है। पार्टी की कार्ययोजना साफ है कि चुनाव केवल बड़े चेहरों और जनसभाओं के सहारे नहीं, बल्कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की सक्रियता से ही जीते जा सकते हैं।
