कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: सीएम सुवेंदु ने बनाई 6 सदस्यीय SIT, 17 मौतों के मामले में आयोजकों समेत 7 गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के जोरबागान इलाके में दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। बीते शनिवार, 19 अक्टूबर को चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुए इस हादसे में 17 लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 6 सदस्यीय एसआईटी को तीन महीने के भीतर हादसे की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
हादसे के कारणों और विभागों की भूमिका की होगी जांच
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना पर दुख जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। सरकार की ओर से गठित यह टीम मुख्य रूप से हादसे के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच के दायरे में स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की भूमिका भी शामिल होगी ताकि यह साफ हो सके कि भीड़ प्रबंधन में कहां चूक हुई।
कैसे बिगड़े थे पंडाल के हालात?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शनिवार शाम उस वक्त हुआ जब पंडाल में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मौजूद थे। बारिश और संकरी गलियों के चलते भीड़ को नियंत्रित करने में दिक्कतें आईं। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि पंडाल के भीतर अचानक की गई एक घोषणा के कारण लोगों में अफरा-तफरी मच गई, जो बाद में भगदड़ में तब्दील हो गई। एसआईटी इन सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल करेगी।
आयोजकों और सुरक्षा कर्मियों पर एक्शन
हादसे के बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए पूजा समिति से जुड़े पदाधिकारियों और निजी सुरक्षा व्यवस्था संभालने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने जताया था शोक
इस दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की थी। हादसे के तुरंत बाद मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक मदद (अनुदान राशि) का भी ऐलान किया गया था।
