‘क्या देश में गुंडाराज चल रहा है?’ PM आवास के पास रेस कोर्स मस्जिद को नोटिस मिलने पर भड़की AIMIM, BJP-AAP पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) के पास स्थित 125 साल पुरानी ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को 6 दिन के भीतर खाली करने का नोटिस दिए जाने पर विवाद गहरा गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शोएब जामेई ने इस कार्रवाई को मस्जिद तोड़ने की ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिया है। उन्होंने इसके लिए केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
‘गैजेट नोटिफिकेशन में दर्ज है मस्जिद’
शोएब जामेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि रेस कोर्स रोड की यह मस्जिद 1977 के दिल्ली गैजेट नोटिफिकेशन के सीरियल नंबर 18 में दर्ज है। उन्होंने कहा, “इसका सारा काम वक्फ बोर्ड के जरिए और कानून के दायरे में हुआ है। फिर भी अचानक इसके खिलाफ नोटिस जारी करना कई सवाल खड़े करता है। कोई भी अधिकारी अचानक आता है और हफ्ते भर में 125 साल पुरानी मस्जिद को ढहाने की खुली धमकी देकर चला जाता है। क्या देश में गुंडाराज चल रहा है? क्या यह सहारनपुर पार्ट 3 है?”
उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे ‘सेव मस्जिद सेव दिल्ली’ मिशन के तहत एकजुट होकर लड़ें और इस बार मस्जिद को गिरने न दें।
आम आदमी पार्टी और वक्फ बोर्ड पर भी उठाए सवाल
जामेई ने आम आदमी पार्टी (AAP) को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि एक AAP विधायक मस्जिद को बचाने की कोशिश करने की बात कह रहे हैं, लेकिन जब वे वक्फ बोर्ड के चेयरमैन थे तब उन्होंने इस मामले को क्यों नहीं सुलझाया। जामेई के मुताबिक, “वक्फ बोर्ड के सदस्य खुद इसके खिलाफ कुछ नहीं कर रहे हैं। जो लोग हमदर्द होने का दावा कर रहे हैं, उन्होंने इसके कानूनी पेंच और मजबूत क्यों नहीं किए।”
‘दिल्ली में 308 अन्य धार्मिक ढांचे भी हैं’
धार्मिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए शोएब जामेई ने पूछा कि क्या दिल्ली में केवल मुसलमानों की मस्जिद ही नजर आ रही है। उन्होंने दावा किया, “दिल्ली में 308 धार्मिक ढांचे हैं जो मुस्लिम धर्म से नहीं जुड़े हैं। हम किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहते, लेकिन यह साफ तौर पर पक्षपात है।”
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के रेस कोर्स इलाके में सरकारी जमीन खाली कराने का अभियान चल रहा है। इसी के तहत केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने 19 अक्टूबर 2026 को रेस कोर्स मस्जिद को 6 दिन के भीतर परिसर खाली करने का नोटिस जारी किया है।
इस कार्रवाई का मुस्लिम संगठनों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने नोटिस जारी होने के दिन ही केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की थी और उनसे इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
