‘बांग्लादेश की तरह भारत में संसद में नहीं घुस सकते लोग’: शुभेंदु अधिकारी

Suvendu Adhikari

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का पुरजोर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने देशहित में सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आने के लिए कहा था। शुभेंदु अधिकारी ने देश की लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को सत्ता परिवर्तन का एकमात्र सही रास्ता बताते हुए स्पष्ट किया कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में संस्थाओं का सम्मान सर्वोपरि है।

बांग्लादेश के हालात पर सीधा निशाना

पड़ोसी देश बांग्लादेश में हाल ही में हुए तख्तापलट और मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा कि भारत में ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता कि कुछ लोग अचानक राष्ट्रपति भवन या संसद में घुस जाएं। उन्होंने दावा किया कि अगर देश में ऐसी कोई भी असंवैधानिक घटना होती है, तो 80 प्रतिशत आबादी इसका कड़ा विरोध करेगी। अधिकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी का बयान देश के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत करने की दिशा में दिया गया है।

रक्षा और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर गिनाई उपलब्धियां

शुभेंदु अधिकारी ने राजनीतिक बयानों के साथ-साथ देश की आर्थिक और रक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति का भी जिक्र किया। रक्षा निर्यात के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जो भारत पहले दूसरे देशों से हथियार और रक्षा उपकरण खरीदता था, वह आज 50 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण बेच रहा है। अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि 2014 में दुनिया में 12वें स्थान पर रहने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था आज चौथे स्थान पर पहुँच चुकी है और तेजी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

पीएम मोदी ने विजयादशमी पर किया था ‘नेशन फर्स्ट’ का आह्वान

दिल्ली में ‘विजयादशमी’ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से देशहित में काम करने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा था कि जो ताकतें देश को नुकसान पहुंचाती हैं, समाज को बांटती हैं और हमारी संस्कृति से नफरत करती हैं, वे सभी राष्ट्र के दुश्मन हैं।

महिला आरक्षण और चुनाव आयोग पर जारी है राजनीतिक घमासान

प्रधानमंत्री की यह एकजुटता की अपील ऐसे समय में आई है, जब केंद्र सरकार परिसीमन से जुड़े महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए आम सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। दूसरी तरफ, राजनीतिक मोर्चे पर भारी खींचतान जारी है। मतदाता सूची के एसआईआर (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं, जिसके बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।