राम मंदिर में VIP पास की संख्या बढ़कर 3500 हुई, कर्मचारियों के लिए नियम सख्त
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे में कई अहम बदलाव किए हैं। रामलला के दर्शन के लिए आने वाले विशिष्ट अतिथियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रतिदिन जारी होने वाले VIP पास का कोटा 1,800 से बढ़ाकर 3500 कर दिया गया है। यह नया सिस्टम बीते शनिवार से लागू हो चुका है। इसके साथ ही, ट्रस्ट के सीईओ जितेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर में कर्मचारियों की आवाजाही, मोबाइल के इस्तेमाल और सोशल मीडिया गतिविधियों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है।
रोजाना जारी होंगे 3500 VIP पास
ट्रस्ट के व्यवस्था प्रमुख इंद्रदेव तिवारी ने VIP पास की संख्या बढ़ाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए फिल्मी हस्तियों, राजनेताओं और विशिष्ट व्यक्तियों का लगातार आना लगा रहता है। श्रद्धालुओं और विशिष्ट लोगों की इसी आमद को ध्यान में रखते हुए पास का कोटा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। पास जारी करने की मौजूदा प्रक्रिया को यथावत रखा गया है।
केवल आईडी कार्ड से एंट्री नहीं, रजिस्टर में दर्ज होगी डिटेल
प्रशासनिक कसावट के तहत सीईओ जितेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब यात्री सुविधा केंद्र (PFC) में केवल आई-कार्ड (ID Card) दिखाने से प्रवेश नहीं मिल रहा है।
कर्मचारियों को निर्धारित स्थानों पर रखे गए रजिस्टर में अपना नाम, मोबाइल नंबर, अंदर जाने का मकसद, एंट्री का समय और अपनी जिम्मेदारी का पूरा विवरण दर्ज करना पड़ रहा है। पीएफसी स्थित सीईओ कार्यालय में जाने के लिए भी रजिस्टर में जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है।
मोबाइल ले जाने और रील बनाने पर रोक
परिसर की गोपनीयता को लेकर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। नए सिस्टम के तहत आम कर्मचारियों के मोबाइल फोन लेकर परिसर में जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। केवल संबंधित प्रभारियों को ही फोन रखने की छूट दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन से रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने वाले ट्रस्ट के दो कर्मचारियों को तलब किया गया था। सीईओ ने इन कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है। इसके अलावा, गर्भगृह के दृश्य रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की घटनाओं पर भी तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई है। व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर प्रभारियों को बुलाकर सीधे निर्देश दिए जा रहे हैं।
चढ़ावे की गिनती वाले कमरे में ‘नो-एंट्री’
मंदिर के अंदर चढ़ावे की गिनती से जुड़े कमरे में अनधिकृत कर्मचारियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए ये सभी सख्त कदम हाल ही में चंदे की गिनती के दौरान सामने आए चोरी के मामले के बाद लागू किए गए हैं।
