बृजभूषण शरण सिंह का AAP और कांग्रेस पर हमला, विपक्षी आंदोलनों में बताया विदेशी हाथ
पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पंजाब में नशे के कारोबार, विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों और कांग्रेस के नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सरकार पर पंजाब में नशे को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, उन्होंने विपक्षी आंदोलनों में ‘विदेशी ताकतों’ का हाथ होने की आशंका जताते हुए कांग्रेस के राजनीतिक पतन का दावा किया है।
पंजाब में नशे के कारोबार को AAP का संरक्षण
पंजाब को गुरुओं, किसानों और शहीदों की भूमि बताते हुए बृजभूषण ने आरोप लगाया कि मौजूदा राज्य सरकार के संरक्षण में नशे का व्यापार बड़े स्तर पर फल-फूल रहा है। जलियांवाला बाग से लेकर भगत सिंह और उधम सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली भूमि को नशे की समस्या से घेर दिया गया है।
पूर्व सांसद ने नशामुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाने वाले एक व्यक्ति की हत्या को गंभीर बताते हुए इस मामले और नशे के राजनीतिक संरक्षण की जांच की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने पंजाब को नशामुक्त बनाने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प का पूरा समर्थन किया।
विपक्षी आंदोलनों में विदेशी हाथ होने का दावा
विपक्ष के हालिया आंदोलनों पर सवाल उठाते हुए बृजभूषण ने दावा किया कि ये प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी या किसानों की समस्याओं के लिए नहीं, बल्कि देश को अस्थिर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। उन्होंने इन गतिविधियों में विदेशी ताकतों का हाथ होने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।
कनॉट प्लेस में छुट्टी के दिनों में निकाले जाने वाले मार्च का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका मुख्य मकसद देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करना है। वहीं, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।
आपातकाल से तुलना और सुप्रीम कोर्ट मार्च पर निशाना
न्यायपालिका के खिलाफ विपक्षी दलों के मार्च को लेकर उन्होंने आपातकाल (Emergency) के दौर का उदाहरण दिया। बृजभूषण ने कहा कि उन्होंने आपातकाल देखा है, जब लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए आंदोलन में छात्रों से लेकर बुजुर्गों तक ने हिस्सा लिया और जेल गए। लेकिन उस दौर में भी किसी ने न्यायपालिका पर सवाल उठाने के लिए मार्च नहीं निकाला। उन्होंने विपक्ष के नेता पर चुनी हुई और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने का आरोप लगाया और कहा कि शीर्ष अदालत की टिप्पणी भी इसी संदर्भ में आई थी।
‘जब नाश मनुज पर छाता है…’: कांग्रेस पर तंज और पीएम मोदी पर भरोसा
कांग्रेस के नए नेतृत्व और विपक्षी राजनीति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने मशहूर पंक्ति “जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है” का उल्लेख किया। पूर्व सांसद ने कहा कि कांग्रेस में अलग-अलग विचारधाराओं के लोगों के पहुंचने से पार्टी का राजनीतिक पतन होने वाला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक प्रभाव पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि अब पीएम मोदी का कोई बाल भी बांका नहीं कर पाएगा। अपनी बातचीत के अंत में उन्होंने ‘जय श्री राम’ का नारा भी लगाया।
