शेयर बाजार में तूफानी तेजी: सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा उछलकर 73,810 के पार, निफ्टी ने भी पकड़ी जोरदार रफ्तार

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भारतीय शेयर बाजार के लिए 15 अक्टूबर का दिन निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया। बुधवार के सुस्त कारोबार के बाद आज यानी गुरुवार को बाजार में चौतरफा जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) 1,000 से अधिक अंकों की छलांग लगाते हुए 73,810 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी करीब 299 अंकों की मजबूती के साथ 22,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार निकल गया। आईटी शेयरों में आई ताजा लिवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने इस तेजी को सबसे ज्यादा सपोर्ट किया।

सेंसेक्स और निफ्टी का लाइव अपडेट

कारोबारी सत्र के दौरान सुबह लगभग 10:41 बजे बीएसई सेंसेक्स 1,028.72 अंकों यानी 1.41 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 73,810.61 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह, सुबह 10:42 बजे एनएसई निफ्टी 50 भी 298.90 अंकों यानी 1.32 प्रतिशत की छलांग लगाकर 22,921.60 के स्तर पर पहुंच गया।

सेंसेक्स के 30 शेयरों वाले पैक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल जैसे दिग्गज शेयरों ने सबसे आगे रहकर बाजार को संभाला। इसके विपरीत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेंट और पावर ग्रिड के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया और ये गिरावट के साथ लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए।

भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी की 4 मुख्य वजहें

  1. आईटी शेयरों में लिवाली और मजबूत रुझान: घरेलू शेयर बाजार में आज की तेजी का सबसे बड़ा इंजन आईटी सेक्टर बना। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में हुई ताबड़तोड़ खरीदारी ने बाजार को मजबूत नींव प्रदान की। विशेष रूप से एचसीएल टेक (HCLTech) के हालिया वित्तीय परिणामों के बाद से निवेशकों का तकनीकी क्षेत्र (IT Sector) पर भरोसा बढ़ा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में आईटी इंडेक्स में यह मजबूती और अधिक टिक सकती है, जिससे बाजार को नीचे गिरने से बड़ा सपोर्ट मिलेगा।

  2. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए हमेशा से एक बड़ी राहत का सबब बनने वाली कच्ची तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरम पड़ी हैं। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव लगभग 1.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ फिसलकर 104.4 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है। क्रूड ऑयल के दामों में यह नरमी भारत जैसे ऊर्जा आयातक देश के लिए आयात बिल का बोझ कम करती है और राजकोषीय घाटे की चिंताओं को दूर करती है, जिसका सीधा सकारात्मक असर घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला।

  3. अमेरिकी टेक शेयरों और वैश्विक संकेतों का डायनामिक्स: अमेरिका से आए हालिया आंकड़ों के मुताबिक वहां महंगाई की दर उम्मीद से थोड़ी ज्यादा दर्ज की गई है। अगस्त में जहां महंगाई दर 3.4 प्रतिशत थी, वहीं सितंबर में यह बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। इस आंकड़े के सामने आने के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक बार फिर बढ़ोतरी किए जाने की आशंकाएं गहरी हो गई हैं। इस संभावित मौद्रिक सख्ती की चिंता के चलते अमेरिकी बाजारों में बिकवाली का माहौल बना और टेक शेयरों पर भारी दबाव देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप टेक-हेवी नैस्डैक (Nasdaq) बुधवार को 1.88 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। हालांकि, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, ग्लोबल स्तर पर एआई (AI) शेयरों में आई गिरावट भारतीय बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत साबित हो सकती है, क्योंकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक रणनीतिक रूप से भारतीय बाजारों की ओर रुख कर सकते हैं।

  4. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियों पर निवेशकों की पैनी नजर: विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भारतीय बाजार की दिशा तय करने में हमेशा अहम भूमिका निभाता है। बुधवार को FIIs ने भारतीय शेयर बाजार से कुल 1,857.44 करोड़ रुपये की निकासी की थी। बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले सत्रों में बाजार की चाल काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि विदेशी निवेशक किस तरह की खरीदारी या बिकवाली की नीति अपनाते हैं।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला और कमजोर रुझान

भारतीय बाजार में जहां रौनक लौट आई है, वहीं इसके विपरीत एशिया के कई प्रमुख बाजारों में आज दबाव और सुस्ती का माहौल देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सूचकांक लगभग 8 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) इंडेक्स भी 5.07 प्रतिशत की बड़ी कमजोरी के साथ लाल निशान में ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी दबाव के दौर से गुजर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले सत्र में अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ ही बंद हुए थे, जिनमें बुधवार को सेंसेक्स 251.89 अंक (0.34%) गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक (0.44%) टूटकर 22,622.70 पर बंद हुआ था। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने वैश्विक रुझानों से इतर शानदार रिकवरी दर्ज की है।