182 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त, अमित शाह ने की सीएम हिमंत और पुलिस की जमकर तारीफ

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए गए बड़े और सफल अभियान को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम पुलिस की जमकर सराहना की है। गृह मंत्री ने पुलिस की इस कार्रवाई को राज्य में ड्रग्स नेटवर्क पर एक ‘निर्णायक प्रहार’ करार दिया है।

945 तस्कर गिरफ्तार, 31 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर असम पुलिस की इस कार्रवाई के विस्तृत आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि इस निरंतर अभियान के तहत अब तक 945 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और कुल 547 मामले दर्ज किए गए हैं।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 182 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। इसके अलावा नशीली दवाओं की बिक्री के 703 ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। तस्करों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए उनकी लगभग 31 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।

तस्करों की वित्तीय जड़ों पर सीधा हमला

गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त भारत’ विजन का जिक्र करते हुए सरकार का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि ‘ड्रग्स नियंत्रण पर विजन दस्तावेज 2026-29’ देश से नशीली दवाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का एक स्पष्ट खाका है।

शाह के मुताबिक, सरकार का मुख्य लक्ष्य ड्रग तस्करों की वित्तीय जड़ों पर सीधा हमला करना और देश के युवाओं को सुरक्षित रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ यह लड़ाई अटूट संकल्प के साथ बिना रुके इसी तरह जारी रहेगी।

कछार में ट्रक के गुप्त केबिन से 57.5 करोड़ की याबा गोलियां बरामद

ड्रग्स के खिलाफ इसी अभियान के तहत असम के कछार जिले में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार (15 अक्टूबर 2026) को बताया कि पुलिस ने एक ट्रक से 2.3 लाख याबा गोलियां जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 57.5 करोड़ रुपये है।

मुख्यमंत्री ने पुलिस की कार्रवाई की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “इस ट्रक में उसकी क्षमता से कहीं ज्यादा सामान था। क्या कछार पुलिस के हाथ सोना लगा? नहीं, उन्होंने 57.5 करोड़ रुपये की याबा गोलियां जब्त कीं।” ट्रक के भीतर एक गुप्त केबिन बनाकर इन गोलियों की तस्करी की जा रही थी। मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है याबा टैबलेट?

याबा एक बेहद खतरनाक मादक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है। इसमें मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। भारत में यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है, क्योंकि मेथामफेटामाइन ‘नियंत्रित पदार्थ अधिनियम’ के तहत अनुसूची-दो (Schedule-II) में शामिल है।