सौरव दास-आशुतोष की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी, केजरीवाल, महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं ने उठाई आवाज़
जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने और तिरंगा फहराने के आरोप में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं—सौरव दास और आशुतोष रांका—को 5 दिन की न्यायिक हिरासत (तिहाड़ जेल) में भेजे जाने के बाद देश की सियासत गरमा गई है। इन गिरफ्तारियों के खिलाफ देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
विपक्ष के दिग्गज नेताओं के समर्थन पर CJP के संस्थापक और स्वतंत्र पत्रकार अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है। नागपुर (महाराष्ट्र) से दिल्ली लौट रहे दीपके ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक-एक कर सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया है।
राहुल गांधी, स्टालिन और केजरीवाल का जताया आभार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (MK Stalin) सहित कई नेताओं ने सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी को अलोकतांत्रिक बताते हुए ट्वीट किए थे।
इन सभी नेताओं के ट्वीट्स को रीपोस्ट करते हुए अभिजीत दीपके ने उन्हें धन्यवाद दिया। राहुल गांधी के पोस्ट को शेयर करते हुए दीपके ने लिखा:
“आशुतोष और सौरव दास की गैर-कानूनी गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए धन्यवाद, राहुल गांधी सर।”
इसी तरह, दीपके ने सिलसिलेवार तरीके से अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, शिवसेना (यूबीटी) के युवा नेता आदित्य ठाकरे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा का भी खुलकर समर्थन करने के लिए शुक्रिया अदा किया।
‘क्या अब राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपराध हो गया है?’
नेताओं को धन्यवाद देने के साथ-साथ, अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 45 सेकंड का एक वीडियो संदेश भी पोस्ट किया। इस वीडियो में उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाए।
दीपके ने वीडियो में कहा, “सौरव और आशुतोष को आज ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है। इन दोनों को पूरी तरह पता था कि जंतर-मंतर जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, फिर भी वे पीछे नहीं हटे।”
सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए दीपके ने पूछा, “क्या इस देश में राष्ट्रीय ध्वज लहराना अब अपराध हो गया है? मौजूदा सरकार के राज में तिरंगा लहराने जैसी देशभक्ति की भावना को भी अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है।”
यह गिरफ्तारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी और अन्य विपक्षी दलों द्वारा चलाए जा रहे विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा है, जिसके तहत दोनों नेताओं ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया था।
