‘भारत जितना सक्षम बनेगा, दुनिया का उतना ही फायदा होगा’: पीएम मोदी, दिया ‘पावर टू एम्पावर’ का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित 8वें वार्षिक ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ (Bloomberg New Economy Forum) को संबोधित किया। भारत में पहली बार हो रहे इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए पीएम मोदी ने ब्लूमबर्ग और उसकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए ‘सही समय और सही जगह’ चुनी है।
इस साल फोरम की थीम “A World in Play: Defining the New Levers of Power” (बदलती दुनिया में सत्ता के नए केंद्रों को परिभाषित करना) है। यह आयोजन 13 से 15 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें वैश्विक व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऊर्जा परिवर्तन, जलवायु जोखिम और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका जैसे अहम मुद्दों पर मंथन होगा। फोरम में दुनिया भर के 500 से अधिक प्रभावशाली नेता, नीति-निर्माता और कारोबारी दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं।
‘पावर टू एम्पावर’ है नई सोच
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नई सदी की ताकत और उसके सही इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आज टेक्नोलॉजी, डेटा, ज्ञान और इनोवेशन ही असली ताकत हैं। लेकिन मुख्य सवाल यह नहीं है कि यह ताकत किसकी है, बल्कि यह है कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है।”
पीएम मोदी ने सवालिया लहजे में कहा, “क्या टेक्नोलॉजी से सिर्फ कुछ लोगों की तरक्की होती है, या यह लाखों लोगों के लिए नए मौके बनाती है? क्या ज्ञान सिर्फ कुछ लोगों की ताकत तक सीमित रहता है, या यह सभी की क्षमता बढ़ाता है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी विचार से एक नई सोच जन्म लेती है जिसे ‘पावर टू एम्पावर’ (सशक्त बनाने की ताकत) कहा जा सकता है।
‘शक्ति की असली कीमत उसके मकसद में होती है’
भारतीय परंपरा का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिसके पास भी ज्ञान, धन और शक्ति है, वह उसका इस्तेमाल कैसे करता है, यह बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “शक्ति की असली कीमत उसके मकसद में छिपी होती है। आज के समय में इस सोच को समझना बहुत जरूरी है। हमारी हजारों साल पुरानी परंपरा ने हमें यही सिखाया है और भारत ने इसे अपने काम करने के तरीके में लागू करके दिखाया है।”
AI से जानवरों की भलाई का किया जिक्र
पीएम मोदी ने हाल ही में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ का भी जिक्र किया, जिसकी ब्लूमबर्ग ने काफी सराहना की थी।
प्रधानमंत्री ने बताया, “इस समिट में न सिर्फ मानवता के लिए AI के इस्तेमाल पर चर्चा हुई, बल्कि यह भी विचार किया गया कि जानवरों को AI से कैसे फायदा हो सकता है। इससे यह साफ पता चलता है कि भारत जितना ज्यादा सक्षम बनता है, उतना ही यह मानवता और पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद साबित होता है।”
’10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला’
सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सत्ता और अधिकार का मकसद नागरिकों को सिस्टम (व्यवस्था) पर निर्भर बनाना नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “सरकार का असली मकसद नागरिकों को मजबूत और सशक्त बनाना होना चाहिए और आज भारत इसी रास्ते पर चल रहा है। इसी ‘सशक्तिकरण’ के रास्ते पर चलते हुए, भारत ने पिछले दस सालों में अपने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। यह आंकड़ा दुनिया के कई देशों की कुल आबादी से भी कहीं ज्यादा है।”
