‘न्याय के लिए मार्च’ से गरमाई दिल्ली की सियासत, राहुल के कदम पर योगी और शायना एनसी का हमला
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया (INDIA) गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली-एनसीआर में 30,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) के जवानों को तैनात किया गया है। मार्च को लेकर सियासी बयानबाजी भी चरम पर पहुंच गई है।
राहुल गांधी का संदेश: ‘लोकतंत्र और न्याय के लिए मार्च’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक नई पोस्ट साझा की। राहुल गांधी ने लिखा, “लोकतंत्र के लिए मार्च, न्याय के लिए मार्च…”
अपनी पोस्ट के साथ उन्होंने एक ग्राफिक भी शेयर किया है, जिसमें भारत के नक्शे के साथ नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट को दर्शाया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का पलटवार: ‘अराजकता फैला रहा गठबंधन’
विपक्ष के इस कदम पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी ने सीधे तौर पर इंडिया गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था की आड़ में केवल अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
‘सड़क पर नौटंकी बंद करे विपक्ष’: शायना एनसी
CJI द्वारा विपक्षी नेताओं से मुलाकात का अनुरोध ठुकराए जाने के बाद शिवसेना नेता शायना एनसी ने भी विपक्षी खेमे पर निशाना साधा।
शायना एनसी ने कहा, “भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट कर दिया है कि मामला न्यायाधीन है, इसलिए सड़क पर नौटंकी करना बंद कीजिए। राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है, उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए। जब कोई मामला अदालत के विचाराधीन है, तो समझ लीजिए कि कानून सबसे बड़ा है, आपका नाटक नहीं।”
दिल्ली-एनसीआर में 30 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
प्रदर्शन और मार्च के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों ने व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। 30 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती के साथ कई संवेदनशील स्थानों, मार्गों और चौराहों पर बैरिकेडिंग कर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के अनधिकृत जमावड़े या अव्यवस्था को रोका जा सके।
