दूध पी रहे हैं या जहर? महाराष्ट्र FDA ने पुणे में किया बड़े मिलावटी नेटवर्क का भंडाफोड़, नमूनों में मिला डिटर्जेंट और केमिकल
महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पुणे ग्रामीण पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े और संगठित दूध मिलावट नेटवर्क (Adulteration Milk Network) का भंडाफोड़ किया है। जांच के दौरान दूध के नमूनों में डिटर्जेंट और हानिकारक केमिकल जैसे ‘नोनीलफेनोल एथोक्सिलेट’ पाए गए हैं, जिससे दूध की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
नवकार डिस्ट्रीब्यूटर्स पर छापेमारी, मिलावट का सामान जब्त
इस पूरे मामले की शुरुआत पुणे के मंचर इलाके से हुई, जब अधिकारियों को दूध की बनावट बदलने और उसमें मिलावट करने की गुप्त जानकारी मिली। 4 जुलाई को, FDA और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने अम्बेगांव के अवसरी खुर्द स्थित ‘नवकार डिस्ट्रीब्यूटर्स’ पर अचानक छापा मारा।
छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने व्हे पाउडर (Whey Powder), व्हे परमीएट पाउडर, भारी मात्रा में डिटर्जेंट, इमल्सीफायर और मिलावट में इस्तेमाल होने वाली अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की। इसके साथ ही, जांच के लिए कई नामी डेयरी ब्रांडों से जुड़े दूध और अन्य उत्पाद भी इकट्ठा किए गए। इस मामले में मंचर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई।
पूछताछ में खुला दूध में हेरफेर का तरीका
FDA अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए एक आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि दूध की गुणवत्ता में हेरफेर करने के लिए अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल किया जाता था:
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SNF (सॉलिड्स-नॉट-फैट) बढ़ाने के लिए: स्किम्ड मिल्क पाउडर का इस्तेमाल।
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प्रोटीन की मात्रा बदलने के लिए: व्हे पाउडर की मिलावट।
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फैट (Fat) बढ़ाने के लिए: दूध में खाने वाला तेल (Edible Oil) मिलाया जाता था।
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इमल्सीफायर और डिटर्जेंट: इन तेल और पाउडर को दूध में अच्छी तरह घोलने और असली जैसा दिखाने के लिए इमल्सीफायर और डिटर्जेंट का इस्तेमाल होता था।
सभी 6 नमूनों में मिला केमिकल और डिटर्जेंट
जांच का दायरा बढ़ाते हुए टीम ने डेयरियों और दूध इकट्ठा करने वाले केंद्रों (कलेक्शन सेंटर्स) पर भी दबिश दी। 6 जुलाई को मंचर स्थित ‘आकाश डेयरी फार्म’ से दूध के 6 नमूने लिए गए। 28 सितंबर को आई FDA की लैब रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया। सभी 6 नमूनों में डिटर्जेंट की पुष्टि हुई।
इसके अलावा, एक पूरक (सप्लीमेंट्री) विश्लेषण में हर नमूने में ‘अल्फॉक्स-200 एथोक्सिलेट’ मिला, जिसकी पहचान हानिकारक केमिकल ‘नोनीलफेनोल एथोक्सिलेट’ (Nonylphenol Ethoxylate) के रूप में हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इन नमूनों में प्राकृतिक फैट और ‘सॉलिड्स-नॉट-फैट’ (SNF) का स्तर तय मानकों से काफी कम था।
सोनाई डेयरी से जुड़े तार, 16,000 लीटर से ज्यादा दूध नष्ट
FDA की जांच में संदिग्ध मिलावटी दूध का कनेक्शन शुरुआती तौर पर इंदापुर स्थित ‘इंदापुर डेयरी एंड मिल्क प्रोडक्ट्स’ (जिसे सोनाई डेयरी के नाम से भी जाना जाता है) से जुड़ा पाया गया। जांच का दायरा बढ़ने पर मालशिरस में भी मिलावट के 2 और मामले दर्ज किए गए।
कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने लगभग 6.69 लाख रुपये कीमत का 16,730 लीटर मिलावटी दूध नष्ट कर दिया। फिलहाल, इस संगठित नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायर, कलेक्शन सेंटर, चिलिंग सेंटर, प्रोसेसर और दूसरे प्रतिष्ठानों की पहचान करने के लिए गहन जांच जारी है।
