‘हर FIR मेरे लिए मेडल, ज्ञानेश कुमार वैध चुनाव आयुक्त नहीं’, CEC विवाद पर INDIA गठबंधन का जंतर-मंतर कूच
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव गहरा गया है। चुनाव आयुक्तों से मुलाकात का समय न मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित ‘INDIA’ गठबंधन के कई सांसद एक बस में सवार होकर जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए। विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
45 FIR पर राहुल गांधी का पलटवार
जंतर-मंतर कूच करने से पहले राहुल गांधी ने दिल्ली में अपने और अन्य सांसदों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर (FIR) को लेकर बेबाक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहले से ही 45 केस दर्ज हैं और वह चाहते हैं कि यह संख्या 100 तक पहुंच जाए। मीडिया से बात करते हुए राहुल ने कहा, “मुझ पर 45 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। मैं तो चाहता हूं कि मुझ पर 100 एफआईआर दर्ज हों। हर एक एफआईआर मेरे लिए एक मेडल की तरह है।”
‘ज्ञानेश कुमार देश के वैध चुनाव आयुक्त नहीं’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद तीनों चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्होंने मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने नेताओं को रोकते हुए बताया कि वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
राहुल ने कहा कि वे तयशुदा प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर जा रहे हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि वहां बैठकर वे पूरे देश को बताएंगे कि उनके लिए ज्ञानेश कुमार इस देश के वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं। कांग्रेस नेता ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे।
रेस्टोरेंट में बैठक के बाद बस से निकले सांसद
धरने पर जाने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘INDIA’ गठबंधन के सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई। यह बैठक जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में हुई। लंच के बाद सभी विपक्षी नेता एकजुट होकर एक ही बस में सवार हुए और जंतर-मंतर के लिए निकल पड़े।
जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा, BNSS की धारा 163 लागू
विपक्ष के इस प्रदर्शन और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है। सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है।
