चुनाव आयोग और SIR विवाद पर ‘INDIA’ गठबंधन की बैठक शुरू; जयराम रमेश ने जारी की शामिल दलों की सूची

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चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवादों को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की उच्चस्तरीय बैठक दिल्ली में शुरू हो गई है। बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और आगामी संसद सत्र में उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने की रणनीति तैयार करना है।

बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर बैठक में शामिल सभी विपक्षी दलों की आधिकारिक सूची जारी की है।

जयराम रमेश ने साझा की 19 दलों की सूची

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में गठबंधन के 19 प्रमुख राजनीतिक दल हिस्सा ले रहे हैं।

जयराम रमेश के अनुसार, बैठक में शामिल प्रमुख दलों में:

  • इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC)

  • समाजवादी पार्टी (SP)

  • ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC)

  • नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार (NCP-SP)

  • शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे (SS-UBT)

  • राष्ट्रीय जनता दल (RJD)

  • मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM)

  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)

  • जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC)

  • पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP)

  • झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)

  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन (CPI-ML)

  • इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)

  • केरल कांग्रेस – एम (KC-M)

  • मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK)

  • विदुथलाई चिरुथाईगल काची (VCK)

  • रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP)

  • केरल कांग्रेस – जोसेफ (KC-J)

  • ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB)

‘संविधान की रक्षा और वोट चोरी के खिलाफ एकजुटता’

जयराम रमेश ने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए लिखा, “ये और दूसरी विपक्षी पार्टियां भारत के संविधान को मोदी सरकार के लगातार हमलों से बचाने के लिए एकजुट हैं। हाल ही में सत्ता में बने रहने के लिए चुनाव आयोग (ECI) के ज़रिए ‘वोट चोरी’ की उनकी चाल के खिलाफ यह साझा संघर्ष है।”

बैठक के प्रमुख एजेंडे

बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में पद से हटाने का संयुक्त ड्राफ्ट नोटिस लाने, एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को जनता के बीच ले जाने और देशव्यापी साझा आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। विपक्षी दल चुनाव आयोग के दो आयुक्तों द्वारा फैसलों पर ऑन-रिकॉर्ड दर्ज कराई गई आपत्तियों के बाद केंद्र सरकार और आयोग की कार्यशैली पर लगातार हमलावर हैं।