October 4, 2026

जानिए योगी सरकार का 1 लाख नौकरी वाला मिशन क्या है और 1375 नियुक्तियों का कनेक्शन क्या है

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 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘मिशन रोजगार’ के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला और आने वाले 6 महीनों में प्रदेश में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने के लक्ष्य की घोषणा की।

‘सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था’

मुख्यमंत्री ने सपा पर नौजवानों, दलितों और पिछड़ों का हक मारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली और दलितों-पिछड़ों को योजनाओं से वंचित रखा, वे आज नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। सपा सरकार के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, उन्हें प्रदेश के बाकी गांवों और जिलों से कोई मतलब नहीं था।”

उन्होंने आगे कहा कि जब केंद्र सरकार गरीबों को आवास और शौचालय देना चाहती थी, तो तत्कालीन सरकार इन योजनाओं को लागू नहीं होने देती थी, क्योंकि वे सिर्फ अपने कैडर को लाभ पहुंचाना चाहते थे।

‘2017 से पहले विज्ञापन निकलते ही खड़ी होती थीं आशंकाएं’

पारदर्शी चयन प्रक्रिया का दावा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले जब सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलता था, तो गरीब और बिना पहुंच वाले परिवार का बच्चा योग्य होने के बावजूद नौकरी से वंचित रह जाता था।

उन्होंने बताया कि सरकार ने इस बेईमानी को समाप्त कर व्यवस्था बदली है और अब तक प्रदेश के साढ़े नौ लाख नौजवान सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि पहले नौकरी के विज्ञापन के साथ ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और रेट तय होता था, जबकि आज बिना पैसे नौकरी मिल रही है।

अक्टूबर में फिर होगा नियुक्ति पत्रों का वितरण

विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सपा अध्यक्ष नियुक्ति पत्र नहीं बांटे जाने की बात कर रहे थे, लेकिन सितंबर में यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे।”

उन्होंने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य है, विपक्ष गिनता रहे, हम बांटते रहेंगे।

माफिया राज और अर्थव्यवस्था पर बड़ा दावा

सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। अब यूपी कर्फ्यू, दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर है। इसके परिणामस्वरूप, कभी देश के पांच पिछड़े राज्यों में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

ग्राम पंचायतों को मॉडल और आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान

नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि अब गांवों में पंचायत भवन नहीं, बल्कि ‘ग्राम सचिवालय’ बन रहे हैं, जहां सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध हैं।

उन्होंने अधिकारियों को ‘मॉडल और स्मार्ट ग्राम पंचायत’ की सोच के साथ काम करने की सलाह दी। साथ ही घोषणा की कि जो ग्राम पंचायतें अपनी भूमि, दुकानों और तालाबों (जैसे मत्स्य पालन) से आय बढ़ाएंगी, सरकार उन्हें उतनी ही अतिरिक्त धनराशि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराएगी।