न्यूयॉर्क में मिले ईरान और इराक के विदेश मंत्री, होर्मुज और सीमा सुरक्षा पर हुई अहम चर्चा
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर कूटनीतिक बैठकों का दौर जारी है। इसी क्रम में मंगलवार शाम न्यूयॉर्क में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी संबंधों की समीक्षा करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा, साझा सीमाओं की निगरानी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े ताजा घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा की।
दोनों नेताओं ने आर्थिक, व्यापारिक, कांसुलर और सुरक्षा मामलों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए साझा हितों के सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर सहमति जताई।
साझा सीमा की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख
बैठक के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने अपनी साझा सीमा की सुरक्षा को दोनों देशों की स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
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दोनों पक्षों ने सीमा सुरक्षा को लेकर पहले से हुए समझौतों को पूरी तरह लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी गतिविधियों और अवैध घुसपैठ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपसी तालमेल और खुफिया सूचनाएं साझा करने पर जोर दिया गया।
होर्मुज स्ट्रेट: ओमान के साथ समझौते और अमेरिका पर आरोप
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ताजा स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कमर्शियल शिपिंग के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच एक साझा सहमति बनी है।
इसके साथ ही अराघची ने होर्मुज क्षेत्र में जारी तनाव के लिए सीधे तौर पर पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा:
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होर्मुज स्ट्रेट में असुरक्षा और अशांति पूरी तरह से अमेरिका और इजरायली शासन की आक्रामक कार्रवाइयों का नतीजा है।
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इस जलमार्ग में सुरक्षा की बहाली तभी संभव है, जब अमेरिका अपनी उन गतिविधियों को पूरी तरह बंद करे जो क्षेत्र में असुरक्षा और अस्थिरता पैदा कर रही हैं।
‘पड़ोसी मुल्क अपनी जमीन का इस्तेमाल न होने दें’— ईरान
ईरानी विदेश मंत्री ने क्षेत्र के सभी देशों से ‘सद्भावना और अच्छे पड़ोसी’ (Good-Neighborliness) के सिद्धांतों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि क्षेत्रीय देश अपनी जमीन, हवाई क्षेत्र या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल बाहरी ताकतों को ईरान के खिलाफ आक्रामक और अवैध कार्रवाइयों के लिए न करने दें।
अराघची ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह दृढ़ और प्रतिबद्ध है।
