UP-Bihar समेत 4 राज्यों के पुरुषों को नौकरी नहीं, कंपनी ने बताई वजह

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प्रतीकात्मक तस्वीर—एआई द्वारा जेनरेटेड

UP Bihar Job Ban: बेंगलुरु की एक स्पोर्ट्स कंपनी के एक फैसले ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। कंपनी के फाउंडर ने कहा है कि अब चार राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी नहीं दी जाएगी।

जिन राज्यों का नाम लिया गया है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश शामिल हैं।

कंपनी के फाउंडर और CEO कार्तिक एसजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले की जानकारी दी। उनके मुताबिक, यह फैसला कंपनी के अंदर हुई चर्चा के बाद लिया गया है।

किन राज्यों के पुरुषों पर लगाया गया बैन?

कार्तिक एसजी ने अपनी पोस्ट में कहा कि कंपनी इन चार राज्यों से आने वाले किसी भी पुरुष उम्मीदवार को हायर नहीं करेगी।

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन राज्यों से आने वाली महिला उम्मीदवारों पर ऐसी कोई रोक नहीं होगी। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।

आलोचना हुई तो CEO ने क्या कहा?

फैसले पर कई यूजर्स ने सवाल खड़े किए। कुछ लोगों ने इसे राज्य के आधार पर उम्मीदवारों को अलग करने वाला फैसला बताया।

एक यूजर की आपत्ति पर कार्तिक ने जवाब देते हुए कहा कि कंपनी उनकी है और उसके नियम भी वही तय करेंगे।

इसके बाद बहस और तेज हो गई। कुछ यूजर्स ने कहा कि किसी उम्मीदवार का मूल्यांकन उसकी योग्यता और व्यक्तिगत व्यवहार के आधार पर होना चाहिए, न कि उसके राज्य के आधार पर।

आखिर कंपनी ने ऐसा फैसला क्यों लिया?

बढ़ते विवाद के बीच कार्तिक ने अपने फैसले की वजह भी बताई।

उनके मुताबिक, करीब दो सप्ताह पहले इन चार राज्यों में से एक राज्य का एक पुरुष कर्मचारी कंपनी में काम कर रहा था। कार्तिक का दावा है कि उस कर्मचारी ने एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी को पहले चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद उसका व्यवहार नहीं बदला। इसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया।

कार्तिक ने इसी घटना को अपने नए हायरिंग फैसले की वजह बताया है।

कंपनी में महिला सुरक्षा को बताया अहम वजह

CEO का कहना है कि उनकी कंपनी में कई युवा कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में वह कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना चाहते हैं।

इसी सोच के आधार पर उन्होंने चार राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों को लेकर यह नीति घोषित की।

हालांकि, यह फैसला व्यक्तिगत कर्मचारी की कथित हरकत से आगे बढ़कर पूरे चार राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों पर लागू किया गया है। इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर क्या कह रहें लोग

कुछ यूजर्स ने कहा कि महिला सुरक्षा को गंभीरता से लेना जरूरी है और कंपनी को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा का अधिकार है।

वहीं, दूसरे पक्ष के लोगों ने सवाल उठाया कि किसी एक कर्मचारी के कथित व्यवहार के आधार पर पूरे राज्यों के पुरुषों को नौकरी से बाहर रखना कितना उचित है।

कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि गलत व्यवहार की जांच व्यक्ति के स्तर पर होनी चाहिए। पूरे राज्य के लोगों को एक ही नजर से देखना सही तरीका नहीं है।