हरे निशान पर खुला बाजार: सेंसेक्स 440 अंक उछला, निफ्टी 23,390 के पार; रियल्टी और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी
भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र (सोमवार) की शुरुआत मजबूती के साथ की है। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी के दम पर घरेलू बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में सुबह 9:17 बजे बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 440 अंक (0.59%) चढ़कर 74,735 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 47 अंक (0.20%) की बढ़त के साथ 23,393 पर कारोबार करता दिखा।
रियल्टी और ऑटो सेक्टर बने तेजी के सारथी
शुरुआती कारोबार में बाजार को सबसे ज्यादा सहारा रियल्टी और ऑटोमोबाइल शेयरों से मिला। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो टॉप गेनर्स बनकर उभरे। इसके अलावा निफ्टी फार्मा, हेल्थकेयर, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक, इंडिया डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग, कंजप्शन और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
दूसरी तरफ, आईटी, पीएसयू बैंक, सर्विसेज, इन्फ्रा और मीडिया इंडेक्स में बिकवाली का दबाव देखा गया और ये लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला रुझान
लार्जकैप शेयरों के मुकाबले व्यापक बाजार (Broad Market) में मिलाजुला रुख देखने को मिला:
-
निफ्टी मिडकैप 100: इंडेक्स 126 अंक (0.20%) फिसलकर 62,064 के स्तर पर आ गया।
-
निफ्टी स्मॉलकैप 100: इंडेक्स 10 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 19,886 पर कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचयूएल, एलएंडटी, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व और टाइटन बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। वहीं, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
कच्चे तेल में नरमी, पर बॉन्ड यील्ड की चुनौती बरकरार
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) लगातार बना हुआ है। मध्य पूर्व के संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आपूर्ति में सुधार के चलते ब्रेंट क्रूड फिसलकर 102 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है, जिससे ऊर्जा बाजार को कुछ राहत मिली है।
हालांकि, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है, जो वैश्विक इक्विटी बाजारों के लिए चिंता का विषय है। इसके बावजूद विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत आर्थिक रफ्तार और बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीदों से इक्विटी मार्केट टिके हुए हैं, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिख रहा है।
एशियाई बाजारों का रुख
वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में ज्यादातर प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के बाजार हरे निशान में रहे, जबकि जकार्ता में कमजोरी दर्ज की गई। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स में 0.18 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जबकि टेक आधारित नैस्डैक 0.39 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ था।
