September 21, 2026

UP Election 2027: यूपी में सत्ता परिवर्तन तय, 150 सीटों पर पटेल वोट निर्णायक; वाराणसी में बोलीं पल्लवी पटेल

pallavi patel

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर क्षेत्रीय दलों ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में वाराणसी पहुंचीं अपना दल (कमेरावादी) की नेता और कौशांबी के सिराथू से विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस बार उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा और राज्य की जनता बदलाव का पूरा मन बना चुकी है।

पल्लवी पटेल ने यह भी साफ कर दिया कि वाराणसी जनपद की रोहनिया और सेवापुरी विधानसभा सीटों पर पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को ही चुनाव लड़ाया जाएगा, जबकि वह खुद सिराथू विधानसभा सीट से ही मैदान में उतरेंगी।

‘पश्चिम बंगाल और बिहार जैसा नहीं होगा यूपी का चुनाव’

वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पल्लवी पटेल ने बूथ स्तर से लेकर सेक्टर स्तर तक के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जनसंपर्क अभियान तेज करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनावी माहौल पश्चिम बंगाल और बिहार से पूरी तरह अलग होगा। यहां की जनता स्थानीय और क्षेत्रीय मुद्दों के आधार पर मतदान करेगी। पटेल ने जोर देकर कहा, “उत्तर प्रदेश की जनता ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है और चूंकि दिल्ली की सत्ता का रास्ता भी यूपी से होकर ही गुजरता है, इसलिए इस बार राज्य से बड़े सियासी बदलाव के स्पष्ट संकेत हैं।”

‘150 सीटों को प्रभावित करता है पटेल मतदाता’

जातीय और सामाजिक समीकरणों पर बात करते हुए पल्लवी पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 150 विधानसभा सीटों पर कुर्मी (पटेल) मतदाता सीधे तौर पर जीत-हार को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी एक जाति तक सीमित न रहकर सभी वर्गों और समाजों के हितों को ध्यान में रखकर चुनावी मैदान में उतर रही है।

सिराथू से ही लड़ेंगी चुनाव

अपने चुनाव लड़ने के सवाल पर पल्लवी पटेल ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आगामी 2027 के चुनाव में वह सिराथू से ही चुनाव लड़ेंगी और फिलहाल उन्होंने इसी सीट से उतरने का विचार बनाया है। वहीं, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की सेवापुरी और रोहनिया सीटों को लेकर उन्होंने कहा कि संगठन इन क्षेत्रों में स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व का पूरा मौका देगा।