September 21, 2026

हुमायूं कबीर की मुश्किलें: नकली नोट और हथियारों के साथ AJUP प्रदेश सचिव गिरफ्तार

humau kabir

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 6 अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से चंद दिन पहले पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रदेश सचिव आशिक इकबाल को भारी मात्रा में नकली नोटों और अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। इस बरामदगी ने चुनाव से ठीक पहले इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

SUV से बरामद हुए हथियार और जाली नोट

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार देर रात हरिहरपारा क्षेत्र के गरिनामा इलाके में पुलिस पिकेट पर वाहनों की नियमित चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान एक SUV को रोका गया।

  • बरामदगी: गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें से 500 रुपये के 108 नकली नोट, दो अवैध हथियार और चार राउंड कारतूस बरामद हुए।

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से AJUP के प्रदेश सचिव आशिक इकबाल को गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ यात्रा कर रहे एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

  • जांच का दायरा: पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या इन नकली नोटों और हथियारों का इस्तेमाल आगामी चुनाव में वोटरों को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने के लिए किया जाना था। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

रेजीनगर उपचुनाव का सियासी समीकरण

आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने इस उपचुनाव में रेजीनगर सीट से अपने बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट हुमायूं कबीर के ही इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। कबीर ने 2026 के विधानसभा चुनावों में नवादा और रेजीनगर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने नवादा सीट अपने पास रखते हुए रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया था।

निर्दलीय उम्मीदवार गिरफ्तार, AJUP प्रमुख को पुलिस का नोटिस

रेजीनगर में पुलिस की कार्रवाई केवल AJUP नेता तक सीमित नहीं रही। शनिवार को पुलिस ने इस उपचुनाव में खड़े एक निर्दलीय उम्मीदवार को भी गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प से जुड़े एक पुराने मामले में की गई है।

दूसरी तरफ, बहरमपुर पुलिस ने AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। पुलिस ने कबीर को नोटिस भेजकर सोमवार को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। यह मामला दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कथित साजिश से जुड़ा है। पुलिस ने हाल ही में बहरमपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की थी, जिसके आधार पर 14 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस का दावा है कि इस रिकॉर्डिंग में तनाव पैदा करने की साजिश के स्पष्ट संकेत मौजूद हैं।