September 20, 2026

अफीम की अवैध खेती रोकने के लिए ट्रंप ने की पीएम मोदी की तारीफ

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में अफीम की अवैध खेती पर लगाम लगाने और सप्लाई चेन पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए भारत को प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादक देशों की सूची में शामिल किया है। इसके बावजूद, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़े और प्रभावी कदम उठा रही है।

‘यूएस-इंडिया ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क’ के तहत जारी रहेगा सहयोग
एक आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह अवैध अफीम की खेती से निपटने और नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला पर कड़े नियंत्रण के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत करते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच ‘यूएस-इंडिया ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क’ (US-India Drug Policy Framework) के तहत द्विपक्षीय सहयोग लगातार जारी रहेगा और अमेरिका इसे पूरा समर्थन देता रहेगा।

अमेरिका की लिस्ट में भारत सहित 23 देश शामिल
अमेरिका द्वारा जारी इस ताजा वर्गीकरण में कुल 23 देशों को शामिल किया गया है। भारत के अलावा इस सूची में चीन और पाकिस्तान भी मौजूद हैं।

सूची में शामिल अन्य देश हैं: अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, बर्मा (म्यांमार), कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और वेनेजुएला।

‘लिस्ट में नाम होने का मतलब सरकार की नाकामी नहीं’
अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी देश का इस सूची में शामिल होने का अर्थ यह कतई नहीं है कि वहां की सरकार अवैध ड्रग्स से निपटने में विफल रही है।

वर्गीकरण के अनुसार, भौगोलिक स्थिति, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग और आर्थिक कारक किसी देश को ड्रग्स के उत्पादन या ट्रांजिट का केंद्र बना सकते हैं, भले ही वहां की सरकारें कानून प्रवर्तन और नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए कड़े उपाय क्यों न कर रही हों।

इन 4 देशों को ठहराया गया पूरी तरह विफल
राष्ट्रपति के निर्देश के अनुसार, अमेरिका ने अलग से चार देशों—अफगानिस्तान, बोलीविया, बर्मा और कोलंबिया की पहचान ऐसे देशों के रूप में की है जो नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों और संधियों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।

2026 की नेशनल ड्रग कंट्रोल स्ट्रैटेजी पर जोर
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के भीतर ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए अपने प्रशासन के कदमों को भी रेखांकित किया। उन्होंने सीमा पर सख्त पहरेदारी, अवैध ड्रग्स की बड़ी खेपों की जब्ती और ओवरडोज से होने वाली मौतों में दर्ज की गई कमी का हवाला दिया।

व्हाइट हाउस की 2026 की नेशनल ड्रग कंट्रोल स्ट्रैटेजी के तहत अमेरिका में आने वाले अवैध नशीले पदार्थों और प्रीकर्सर केमिकल्स (Precursor Chemicals) की आपूर्ति रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।