September 16, 2026

‘हम कुरान और शरियत मानेंगे’, अमित शाह के ऐलान पर भड़के सपा नेता डॉ. एसटी हसन

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के ऐलान पर समाजवादी पार्टी (SP) के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुरादाबाद में बयान देते हुए एसटी हसन ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समुदाय कुरान की रोशनी में बताए गए प्रावधानों को ही मानेगा। उन्होंने कहा कि हम शरियत की मांग करेंगे और कुरान में जो हुक्म दिया गया है, उसी रास्ते पर चलेंगे।

‘माहौल खराब कर रही भाजपा, सहयोगी दल भी तैयार नहीं’

एसटी हसन ने यूसीसी के मुद्दे को पूरी तरह से माहौल खराब करने वाली राजनीति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठाती है जिससे हिंदू-मुस्लिम के बीच तनाव बढ़े। पूर्व सांसद के मुताबिक, सत्ता पक्ष को महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और मध्यम वर्ग की कोई फिक्र नहीं है।

हसन ने यह भी दावा किया कि यूसीसी लागू करने के लिए खुद एनडीए के घटक दल ही तैयार नहीं हैं। संपत्ति के अधिकारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अपने परिवार और बेटियों को संपत्ति में कितना हिस्सा देना है, यह तय करने का अधिकार खुद व्यक्ति के पास होना चाहिए।

मस्जिदों को निशाना बनाने का लगाया आरोप

सपा नेता ने भाजपा पर सहारनपुर और मुरादाबाद की मस्जिदों को कथित तौर पर निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूसीसी के जरिए देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। हसन ने कहा कि सत्ता पक्ष हर बार इसी तरह के मुद्दे लाता है, जैसे इससे पहले वंदेमातरम् को लेकर विवाद खड़ा किया गया था।

धार्मिक परंपराओं की भिन्नता का उदाहरण देते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि कोई भी मुसलमान नहीं चाहेगा कि अंतिम संस्कार में उसके शव को जलाया जाए, और ठीक इसी तरह कोई भी हिंदू नहीं चाहेगा कि उसके शव को दफनाया जाए।