September 16, 2026

UP Smart Schools: 14 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बनेंगे स्मार्ट

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उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस पूरी परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जबकि इसे जमीन पर उतारने के लिए ‘श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड’ को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।

प्रति स्कूल 2.07 लाख रुपये की लागत, टेंडर से होगा चयन

कैबिनेट निर्णय के अनुसार, 300 करोड़ रुपये के बजट से प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज की स्थापना चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। यह कार्य प्रतिस्पर्धात्मक निविदा (Competitive Bidding) के माध्यम से पूरा कराया जाएगा।

परियोजना के तहत प्रति विद्यालय 2,07,910 रुपये (सेनेटेज चार्जेज और जीएसटी सहित) की प्रस्तावित दर निर्धारित की गई है। सरकार के मुताबिक, यदि टेंडर प्रक्रिया के दौरान प्रति विद्यालय लागत इस निर्धारित दर से कम आती है, तो स्वीकृत 300 करोड़ रुपये के कुल बजट के भीतर ही अन्य प्राथमिक विद्यालयों को भी इस योजना में शामिल कर उन्हें स्मार्ट स्कूल बनाया जाएगा।

अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को प्राथमिकता

योजना के तहत विद्यार्थियों की संख्या और अधिक नामांकन (High Enrolment) वाले परिषदीय विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट क्लास और आईसीटी (ICT) लैब की स्थापना की जाएगी। केंद्र सरकार की समग्र शिक्षा योजना के डिजिटल इनिशिएटिव प्रोग्राम के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी इसी तर्ज पर डिजिटल सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

सरकार का दावा है कि स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी की मदद से सरकारी स्कूलों के बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से सीखने का बेहतर मंच मिलेगा।

2.61 लाख शिक्षकों को मिले टैबलेट, 32 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित

राज्य सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत वर्ष 2021 में की थी, जिनका विधिवत संचालन शैक्षिक सत्र 2022-23 से शुरू हुआ। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक:

  • प्रदेश के 32 हजार से अधिक विद्यालयों में पहले से स्मार्ट क्लासेज चल रही हैं।

  • 15 हजार से अधिक स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित हैं।

  • 1,129 परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा दी जा चुकी है।

  • बेसिक शिक्षा के 2 लाख 61 हजार से अधिक शिक्षकों को सरकार टैबलेट बांट चुकी है।

सीजेपी नेताओं ने उठाए सवाल, बजट को बताया नाकाफी

योगी सरकार के इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सवालिया लहजे में प्रतिक्रिया दी है। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने पोस्ट कर लिखा, “एक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से क्या होगा?” वहीं पार्टी नेता सौरव दास ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन के छह घंटे के भीतर फैसला तो ले लिया गया, लेकिन इसका बजट बेहद कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के ऐलानों से केवल युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।