September 15, 2026

लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष बने अखिलेश यादव, शिवपाल की जगह लेने पर BJP का तंज

Akhilesh-Yadav-4

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लोहिया ट्रस्ट का नया अध्यक्ष चुना गया है। वह पार्टी के वरिष्ठ नेता और अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव की जगह इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस संगठनात्मक बदलाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि डॉ. राम मनोहर लोहिया के नाम पर बने ट्रस्ट को परिवार का अड्डा बना दिया गया है।

भाजपा का हमला: ‘2017 के पारिवारिक विवाद की याद ताजा’

लोहिया ट्रस्ट के नेतृत्व में हुए इस फेरबदल पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि ऐसा लगता है कि सपा के भीतर एक बार फिर अंदरूनी कलह शुरू होने वाली है।

त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. लोहिया जीवन भर परिवारवाद के खिलाफ रहे, लेकिन समाजवादी पार्टी ने उनके नाम पर बने ट्रस्ट को पारिवारिक राजनीति का केंद्र बना दिया है, जो डॉ. लोहिया के विचारों का अपमान है। भाजपा प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि भतीजे ने एक बार फिर चाचा को हटाकर कमान अपने हाथ में ले ली है, जिससे 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा में हुए पारिवारिक विवाद की यादें ताजा हो गई हैं।

बैठक में सभी 8 सदस्यों की सहमति से हुआ फैसला

लखनऊ स्थित लोहिया ट्रस्ट की हाल ही में हुई बैठक में अखिलेश यादव को अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इस प्रस्ताव को ट्रस्ट के सभी आठ सदस्यों ने अपनी मंजूरी दी। अहम बात यह है कि इस बैठक में शिवपाल यादव भी मौजूद थे और उन्होंने भी इस फैसले का समर्थन किया।

शिवपाल सिंह यादव साल 2017 से लगातार ट्रस्ट के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस बदलाव के बाद अब अखिलेश यादव के पास समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के साथ-साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट दोनों की कमान आ गई है।

लोहिया ट्रस्ट के 8 सदस्य

लोहिया ट्रस्ट में वर्तमान में कुल आठ सदस्य शामिल हैं:

  • अखिलेश यादव

  • शिवपाल सिंह यादव

  • आदित्य यादव

  • दीपक मिश्रा

  • राम नरेश यादव (इटावा)

  • राम सेवक यादव

  • वीरपाल यादव (बरेली)

  • राजेश यादव

सपा से भी पुराना है लोहिया ट्रस्ट का इतिहास लोहिया ट्रस्ट का गठन समाजवादी पार्टी की औपचारिक स्थापना से पहले किया गया था। इस ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य समाजवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना, साहित्य का प्रकाशन और पार्टी के वैचारिक कार्यक्रमों के लिए संसाधन जुटाना रहा है।

साल 2017 में जब यादव परिवार में राजनीतिक वर्चस्व को लेकर टकराव हुआ था, उस समय सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने प्रोफेसर रामगोपाल यादव को हटाकर शिवपाल सिंह यादव को ट्रस्ट की कमान सौंपी थी। अब करीब नौ साल बाद ट्रस्ट का नेतृत्व एक बार फिर अखिलेश यादव के पास लौट आया है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के सियासी हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।