September 16, 2026

कार्यकर्ताओं की रिहाई पर भावुक हुए राकेश राठौर, बोले- अगर कार्यकर्ता ही न रहे तो

guru

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में उस वक्त सियासी पारा अचानक चढ़ गया, जब नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ को आधी रात शहर कोतवाली पहुंचना पड़ा। यह पूरा मामला अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस द्वारा दो बीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने से जुड़ा है। मंत्री के कोतवाली पहुंचते ही वहां भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग एकत्र हो गए, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई।

कोतवाली में भावुक हुए राज्य मंत्री

कोतवाली परिसर में समर्थकों के बीच पहुंचे राज्य मंत्री राकेश राठौर बेहद भावुक नजर आए और उनके आंसू छलक पड़े। रोते हुए उन्होंने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

मंत्री ने कहा, “मैं अपने पूरे जीवन में पहली बार कोतवाली आया हूं। आज अगर हम सत्ता में हैं और मैं मंत्री पद पर हूं, तो यह कार्यकर्ताओं के समर्थन और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।” उन्होंने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ गंभीर मुकदमों के आरोपियों को प्रशासनिक स्तर पर तवज्जो दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को बेवजह हवालात में बंद किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि पार्टी का कार्यकर्ता ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो राजनीति करने का क्या लाभ।

कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद शांत हुआ मामला

राज्य मंत्री के कड़े रुख और हंगामे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। मंत्री के दबाव और हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों बीजेपी कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। इस घटना के बाद से जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।