September 15, 2026

वंदे मातरम् विवाद पर उमर अब्दुल्ला की दो टूक, कांग्रेस को दी सलाह

amit omar

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर उपजे राजनीतिक विवाद पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार (10 सितंबर) को तीखा और स्पष्ट रुख अपनाया है। कांग्रेस के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह देश का मौजूदा कानून है और इसके सभी प्रावधान सभी पर लागू होते हैं। उन्होंने कहा कि यह नियम सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है और जहां भी कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां भी सरकारी कार्यक्रमों में इसका पालन किया जाएगा।

‘क्या कांग्रेस चाहती है कि और कश्मीरी जेल जाएं?’

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “कांग्रेस वाले क्या चाहते हैं कि कश्मीरी लोगों को और भरकर जेलों में डाला जाए?”

उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने कभी भी राजनीतिक रूप से वंदे मातरम् को पार्टी एजेंडे के तौर पर नहीं अपनाया है और आगे भी नहीं अपनाएगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई वैधानिक दायित्व (legal obligation) सामने आता है, तो उसका पालन करना ही पड़ता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मैं तो दुआ करता हूँ कि जल्द से जल्द कांग्रेस की हुकूमत आए और वे संसद में इस कानून को रद्द कर दें, हमें इससे कोई ऐतराज नहीं होगा।”

क्या है पूरा विवाद?

सोमवार को ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर’ के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और एनजीओ के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में पूरा राष्ट्रगीत बजाया गया था, जिसके सम्मान में दोनों नेता खड़े रहे। इस घटना के बाद, जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार को बाहर से समर्थन दे रही कांग्रेस पार्टी ने सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया था।

कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए कहा था कि राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा भारत की विविधता को समाहित करने से बढ़ती है, न कि उसे किसी एक खांचे में ढालने से। इसके जवाब में नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा था कि सरकारी प्रोटोकॉल को पार्टी की राजनीतिक विचारधारा से अलग रखना चाहिए, जिसके बाद यह बहस और तेज हो गई है।