September 15, 2026

TASMAC घोटाला: तमिलनाडु CM विजय का DMK पर प्रहार, ‘करूर गैंग’ का किया जिक्र

vijay

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में राज्य की सरकारी शराब कंपनी ‘टास्मैक’ (TASMAC) में कथित भ्रष्टाचार को लेकर पिछली DMK सरकार पर सीधा हमला बोला है। केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सीएम विजय ने दावा किया कि 2021 से 2025 के दौरान राज्य में ‘करूर गैंग’ नाम का एक संगठित गिरोह काम कर रहा था। मुख्यमंत्री ने इस घोटाले के लिए पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके करीबियों को निशाने पर लिया।

‘बिचौलियों के हाथों में दे दी गई थी सरकारी मशीनरी’ सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में आबकारी विभाग के नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया था। उनके मुताबिक, सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर निजी लोगों और राजनीतिक बिचौलियों को ताकत दे दी गई थी। इस गिरोह ने अवैध वसूली, टेंडरों में हेराफेरी और पैसों के अवैध लेनदेन का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था। उस वक्त यह विभाग DMK के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के पास था।

शराब ग्राहकों और बार मालिकों से जबरन उगाही ‘करूर गैंग’ की कार्यप्रणाली बताते हुए विजय ने कहा कि करूर और कोयंबटूर इलाकों में शराब खरीदने वालों से तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे थे। इसके अलावा, स्थानीय बार मालिकों से भी जबरन उगाही की जाती थी। मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर सेंथिल बालाजी के भाई वी. अशोक कुमार का नाम लिया। उन्होंने अशोक कुमार पर फर्जीवाड़े, टेंडर में गड़बड़ी और ट्रांसपोर्ट व खरीददारी के ठेकों के जरिए अवैध पैसे ट्रांसफर करने के आरोप लगाए।

अन्नादुरई और MGR की ऐतिहासिक जीत से की TVK की तुलना भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ सीएम विजय ने 2026 के विधानसभा चुनावों में अपनी दो साल पुरानी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कज़गम’ (TVK) की जीत का भी जिक्र किया। उन्होंने इस जीत को राज्य के इतिहास का एक नया मील का पत्थर बताते हुए इसकी तुलना दक्षिण भारत के ऐतिहासिक राजनीतिक बदलावों से की। विजय ने 1967 में सी.एन. अन्नादुरई, 1977 में एम.जी. रामचंद्रन और 1983 में आंध्र प्रदेश में एन.टी. रामा राव की शानदार जीतों को याद किया।

DMK पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ईश्वर, प्रकृति और जनता हमेशा हमारे साथ हैं। भ्रष्टाचार विरोधी जांच के सामने विपक्ष के सारे दांव उल्टे पड़ेंगे।”

मुख्यमंत्री विजय विधानसभा में गृह (पुलिस) विभाग की अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। राज्य का पुलिस और गृह विभाग फिलहाल खुद मुख्यमंत्री विजय के पास ही है।