September 15, 2026

‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर स्वरा भास्कर के बयान पर छिड़ी बहस, अब श्रेया पिलगांवकर बोलीं- ‘इतिहास को आज के चश्मे से जज करना गलत’

awara bhaskar

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर सीन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। हाल ही में अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने इस सीन की आलोचना करते हुए इसे समाज के लिए एक गलत संदेश बताया था। अब इस विवाद में एक्ट्रेस श्रेया पिलगांवकर की प्रतिक्रिया सामने आई है। श्रेया ने स्वरा के बयान पर असहमति जताते हुए कहा है कि सदियों पहले जी रहे लोगों और उनकी परिस्थितियों को आज के नजरिए से जज करना सही नहीं है।

‘100-200 साल पुरानी बातों को आज के हिसाब से नहीं तौल सकते’ श्रेया पिलगांवकर ने ‘फिल्मीज्ञान’ से बातचीत में इस विवाद पर अपना स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि समय के साथ समाज और लोगों की सोच में बदलाव आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साल 2026 में बैठकर हम 100 या 200 साल पहले हुई घटनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। उस दौर में लोगों की सोच क्या थी, वे क्या महसूस करते थे और उन पर किस तरह का सामाजिक या राजनीतिक दबाव था, इसे आज की परिस्थितियों के तराजू में नहीं तौला जा सकता। श्रेया के मुताबिक, हर संस्कृति समय के साथ विकसित होती है और एक बिल्कुल अलग दौर के बारे में कोई एक राय बना लेना उचित नहीं है।

स्वरा भास्कर ने दी सफाई- ‘मैंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा’ अपने बयान पर बढ़ते विवाद और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं के बाद स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर सफाई दी। स्वरा ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को पूरी तरह से गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके हवाले से यह झूठी अफवाह फैलाई गई कि उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली अन्य महिलाओं को कायर कहा था। स्वरा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि गालियां देने वाले कम से कम सही बात के लिए गालियां दें। उनका असल सवाल यह था कि यदि कोई महिला यौन हिंसा की शिकार होने के बाद जिंदा बच जाती है, तो क्या वह कायर कहलाएगी।

‘वुमन लाइफ फ्रीडम’ इवेंट में स्वरा ने क्या कहा था? यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब स्वरा भास्कर ने ‘वुमन लाइफ फ्रीडम’ इवेंट के दौरान ‘पद्मावत’ के जौहर वाले क्लाइमैक्स सीन पर सवाल उठाए। स्वरा ने कहा था कि इस सीन को देखते हुए उनके मन में यह विचार आया कि यदि वह एक ‘रेप सर्वाइवर’ होतीं, तो यह फिल्म उन्हें क्या संदेश दे रही होती। उन्होंने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि फिल्म का दृश्य यह स्थापित करता है कि इज्जत बचाने के लिए जान दे देना ही बहादुरी है। स्वरा ने सवाल उठाया था कि क्या समाज सर्वाइवर्स को यह संदेश देना चाहता है कि रेप के बाद महिला की जिंदगी खत्म हो जाती है और उसे जीने का हक नहीं है।