Elon Musk की SpaceX और Jeff Bezos की Blue Origin ने पेरिस अंतरिक्ष सम्मेलन से किया किनारा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के कड़े कूटनीतिक दबाव के बाद चार दिग्गज अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनियों ने आगामी पेरिस एयर एंड स्पेस समिट से हटने का फैसला किया है। ‘पोलिटिको’ की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने इन कंपनियों पर सम्मेलन का बहिष्कार करने के लिए दबाव बनाया था।
व्हाइट हाउस ने क्यों बनाया बहिष्कार का दबाव? व्हाइट हाउस के विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय (OSTP) के एक अधिकारी ने निजी तौर पर कई अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनियों से संपर्क किया था।
-
नीतियों का समर्थन न करना: अधिकारी ने चेतावनी दी थी कि 9-10 सितंबर को होने वाले पेरिस सम्मेलन में शामिल होना यूरोपीय संघ (EU) की उन नीतियों का “समर्थन” माना जा सकता है, जिनका अमेरिका विरोध करता है।
-
फ्रांस की आलोचना: व्हाइट हाउस ने फ्रांस पर अमेरिका से परामर्श किए बिना सम्मेलन आयोजित करने और ‘प्रतियोगिता-विरोधी प्रथाओं’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। अमेरिका का यह भी मानना है कि इस पैनल में अमेरिकी हितों और रुख को उचित स्थान नहीं दिया गया है।
-
चीन की भागीदारी की चिंता: वाशिंगटन इस बात को लेकर भी चिंतित है कि चीन अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2030 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री भेजने के अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम पर काम कर रहा है।
SpaceX और Blue Origin समेत इन कंपनियों ने लिया नाम वापस व्हाइट हाउस की इस चेतावनी के बाद कंपनियों ने पीछे हटने का फैसला किया। फ्रांसीसी अंतरिक्ष मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, जिन कंपनियों ने आधिकारिक तौर पर अपनी भागीदारी रद्द करने की सूचना दी है, उनमें शामिल हैं:
-
SpaceX (एलोन मस्क की कंपनी)
-
Blue Origin (जेफ बेजोस की कंपनी)
-
Stoke Space (रॉकेट निर्माता कंपनी)
-
Starcloud (अंतरिक्ष में डेटा सेंटर स्थापित करने वाला स्टार्टअप)
अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ता तनाव यह घटनाक्रम अमेरिका और यूरोप के बीच टैरिफ और सैन्य नीतियों को लेकर पहले से गहरे हो रहे तनाव को और उजागर करता है। ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायल युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति और कमर्शियल शिपिंग पहले ही बाधित हुई है, जिससे यूरोप पर ऊर्जा संकट का भारी असर पड़ा है।
इस अमेरिकी दबाव के जवाब में फ्रांस ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता (Strategic Independence) बढ़ाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 2026 से 2030 के बीच सैन्य अंतरिक्ष खर्च में अतिरिक्त 4.88 अरब डॉलर की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे कुल सैन्य अंतरिक्ष बजट बढ़कर 11.85 अरब डॉलर हो जाएगा। यह कदम यूरोपीय देशों द्वारा अमेरिकी अंतरिक्ष क्षमताओं पर अपनी निर्भरता को कम करने के बड़े प्रयास को दर्शाता है।
