September 15, 2026

भारत-बेल्जियम की बढ़ी डिफेंस दोस्ती, जोरावर टैंक बना अहम कड़ी; जानिए क्यों

PM Modi addresses the nation on the occasion of National Space Day 2025

नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं की मौजूदगी में भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा क्षेत्र की महत्वाकांक्षी ‘जोरावर टैंक’ परियोजना और मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति मुख्य चर्चा के विषय रहे।

एंटवर्प के हीरा कारोबार से लेकर प्रथम विश्व युद्ध तक की साझा यादें प्रधानमंत्री मोदी ने बेल्जियम के पीएम बार्ट डी वेवर का भारत में स्वागत करते हुए उनके पुराने जुड़ाव का जिक्र किया। यह भले ही उनकी पहली भारत यात्रा है, लेकिन लंबे समय तक एंटवर्प के मेयर के रूप में उन्होंने वहां रह रहे भारतीय समुदाय और भारत-बेल्जियम हीरा कारोबार को निरंतर समर्थन दिया है।

दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि करीब एक दशक पहले उनकी बेल्जियम यात्रा के बाद से दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों और बाजार आधारित अर्थव्यवस्था पर टिकी यह साझेदारी काफी आगे बढ़ी है।

‘जोरावर टैंक’ से रक्षा सहयोग को मिलेगी नई धार इस वार्ता में रक्षा सहयोग एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जोरावर टैंक परियोजना का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत और बेल्जियम इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। रक्षा उत्पादन को मजबूत करने के लिए विदेशी तकनीक और भारत की घरेलू क्षमता के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। रक्षा तकनीक और औद्योगिक क्षेत्र में यह सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दे रहा है।

वैश्विक अस्थिरता के बीच मजबूत बनी है भारतीय अर्थव्यवस्था मौजूदा वैश्विक चुनौतियों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कई क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों के कारण खाद्य, ईंधन और सप्लाई चेन से जुड़ी अनिश्चितताएं पैदा हो गई हैं।

इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की गति बरकरार है। प्रधानमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले क्वार्टर में भारत ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर दर्ज की है, जिससे आज भारत की ग्रोथ स्टोरी पूरी दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का एक बड़ा स्रोत बन गई है।