अखिल गोगोई से कांग्रेस ने तोड़े रिश्ते, क्यों टूटा असम का विपक्षी गठबंधन?
असम में विपक्षी गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) ने विधायक अखिल गोगोई की पार्टी ‘राइजर दल’ के साथ अपने तमाम राजनीतिक और चुनावी गठबंधन संबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए हैं। पार्टी नेतृत्व ने गठबंधन की मर्यादा और तय नियमों के निरंतर उल्लंघन का हवाला देते हुए यह कड़ा कदम उठाया है।
गौरव गोगोई के निर्देश पर आधिकारिक परिपत्र जारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। एपीसीसी के महासचिव (संगठन) रमन्ना बरुआ के हस्ताक्षर से इस संबंध में एक आधिकारिक संगठनात्मक परिपत्र जारी किया गया।
कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया गया कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता को मजबूत करने और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट लड़ाई के मकसद से राइजर दल और अन्य वामपंथी दलों के साथ गठबंधन किया गया था। पार्टी के अनुसार, गठबंधन के अस्तित्व में रहने के दौरान राइजर दल के नेतृत्व ने लगातार सहयोगी धर्म की अनदेखी की।
नेताओं के चरित्र हनन और दुर्भावनापूर्ण बयानों का आरोप कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राइजर दल का शीर्ष नेतृत्व लगातार कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान चला रहा था। गठबंधन सहयोगियों के नेताओं पर व्यक्तिगत हमले किए जा रहे थे। इतना ही नहीं, विपक्षी मोर्चे में शामिल अन्य दलों के नेताओं के खिलाफ भी आधारहीन और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।
पार्टी का कहना है कि इन गतिविधियों से गठबंधन की मूल भावना को गहरी ठेस पहुंची, जिसके चलते अब राइजर दल के साथ संबंध बनाए रखना संभव नहीं रह गया था। हालांकि, कांग्रेस ने यह भी साफ किया कि इस अलगाव के बावजूद वह राज्य की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और कथित कुप्रशासन के खिलाफ जनहित के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाती रहेगी।
‘कांग्रेस के समर्थन के बिना नहीं जीत सकते थे शिवसागर सीट’ इससे पहले भी एपीसीसी ने अखिल गोगोई के बयानों पर सख्त एतराज जताते हुए उन्हें सत्ता पक्ष के एजेंट के रूप में काम न करने की चेतावनी दी थी। महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोर्थाकुर और संचार विभाग के प्रमुख बेदब्रत बोरा ने गोगोई की राजनीति को अवसरवादी करार दिया था।
बोरा ने कहा था कि गौरव गोगोई सहित कांग्रेस के तमाम नेता राज्य में बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों में जमीन पर जुटे हैं, जबकि गोगोई गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अखिल गोगोई विधानसभा चुनाव में शिवसागर सीट केवल कांग्रेस के सक्रिय समर्थन और कैडर के सहयोग से ही जीत पाए थे, अपने दम पर वे यह सीट नहीं निकाल सकते थे।
