September 15, 2026

उदित राज का राम मंदिर CEO नियुक्ति पर तंज, बोले- ‘मिश्रा की जगह मिश्रा आए, दलित-OBC का प्रतिनिधित्व नहीं’

udit raaj

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा के पूर्व सांसद उदित राज ने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर तीखा सवाल उठाते हुए संघ और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह कोई निष्पक्ष चयन नहीं बल्कि पहले से तय एक ‘नाटक’ था।

‘एक मिश्रा की जगह दूसरे मिश्रा को लाया गया’ कांग्रेस नेता उदित राज ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह बहुत दिलचस्प बात है कि एक मिश्रा (चंपत राय) की जगह दूसरे मिश्रा (जितेंद्र मिश्रा) को लाकर बैठा दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ट्रस्ट ने भले ही यह दावा किया हो कि किसी योग्य व्यक्ति को इस पद पर लाया जाएगा, लेकिन सच्चाई यह है कि सब कुछ पहले से तय होता है और यह सब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का खेल है।

हालांकि, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के सैन्य करियर की सराहना करते हुए उदित राज ने कहा, “जितेंद्र मिश्रा एयर मार्शल रहे हैं और उनका करियर बहुत शानदार रहा है, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन यह सिविल सोसाइटी में कामकाज का मामला है, जबकि उन्होंने सेना में अपनी सेवाएं दी हैं। सरकार या ट्रस्ट को इस पद के लिए सिविल सेवा, आईएएस, डिफेंस अकाउंट्स, फाइनेंस या अन्य पृष्ठभूमि के लोगों पर भी विचार करना चाहिए था।”

‘नेतृत्व में दलित और OBC का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं?’ उदित राज ने इस बहाने देश के धार्मिक और सामाजिक ढांचे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आप पूरे प्रबंधन को देखेंगे तो इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) या दलितों का कोई प्रतिनिधित्व नजर नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “कहा जाता है कि राम सबके हैं और हिंदू धर्म भी सबका है, लेकिन पिछले 100 सालों से आरएसएस के सरसंघचालक के पद पर एक ही जाति का प्रतिनिधित्व रहा है। क्या वे बता सकते हैं कि फिर हिंदू धर्म सबके लिए कैसे है? अगर धर्म सबका है, तो समाज के सभी वर्गों के लोगों को बारी-बारी से इसका नेतृत्व करने का मौका मिलना चाहिए।”

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार कांग्रेस नेता के इन बयनों पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ट्रस्ट ने जो भी निर्णय लिया है, वह तमाम व्यवस्थाओं, दक्षताओं और उपयोगिताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “यह एक सकारात्मक कदम है ताकि अधिक व्यावसायिकता, क्षमता और पारदर्शिता के साथ श्री राम जन्मभूमि न्यास काम कर सके।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी राम के वजूद पर सवाल उठाते थे, अयोध्या को कलंकित और अपमानित करते थे, आज वे हर सकारात्मक विषय पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। देश की जनता भलीभांति जानती है कि कौन वास्तव में राम का भक्त है और कौन राजनीति कर रहा है।