September 15, 2026

जेन जी की सबसे बड़ी चिंता नौकरी, 32% ने कहा- पर्याप्त रोजगार के अवसर ही नहीं

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Gen Z News: भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकतों में गिनी जाती है, लेकिन इसी वर्ग के सामने रोजगार हासिल करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। युवाओं की परेशानी सिर्फ मनपसंद नौकरी मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्याप्त संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होना भी एक बड़ा सवाल है। अगस्त 2026 में सामने आए एक सर्वे के मुताबिक, 32 प्रतिशत लोगों ने पर्याप्त नौकरियों की कमी को युवाओं की सबसे बड़ी रोजगार समस्या बताया। इसके बाद 18 प्रतिशत लोगों ने कम वेतन को प्रमुख परेशानी माना।

सर्वे में 17-17 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उपलब्ध नौकरियां युवाओं की योग्यता के अनुरूप नहीं हैं और सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया धीमी है। वहीं 7 प्रतिशत लोगों का मानना था कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था कंपनियों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को जरूरी कौशल नहीं दे पा रही है। सिर्फ 4 प्रतिशत लोगों ने नौकरी की सुरक्षा और सुविधाओं की कमी को सबसे बड़ी समस्या माना।

युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी किसकी?

सर्वे में लोगों से पूछा गया युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी किसकी।
यूथ बोलें—सबसे ज्यादा जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की।
करीब 63 फीसदी ने माना रोजगार बढ़ाने में सरकारों की मुख्य भूमिका होनी चाहिए।
14 प्रतिशत ने स्कूल और विश्वविद्यालयों को माना जिम्मेदार।
9 प्रतिशत ने निजी कंपनियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
5 प्रतिशत मानते हैं कि व्यक्ति और परिवार को भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। करीब 10 प्रतिशत ने इन सवालों पर नहीं दिया कोई जवाब।

युवा आबादी बड़ी, लेकिन अच्छी नौकरी तक पहुंच मुश्किल

देश में 15 से 29 की उम्र के करीब 36.7 करोड़ यूथ।
देश में ग्रेजुएट्स की संख्या बढ़ने की गति और उपलब्ध नौकरियों के बीच अंतर।
2021-22 से 2023-24 के बीच देश में 8.3 करोड़ रोजगार।
करीब 4 करोड़ रोजगार कृषि क्षेत्र से संबंधित।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: रोजगार से जुड़े आंकड़े

2017-18 में बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत थी,
2023-24 में घटकर 3.2 %।
महिलाओं की लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट 23 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत।