TMC से NCPI तक पहुंचते ही यूसुफ पठान का प्रमोशन, सायोनी घोष की नई टीम से छुट्टी?
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) से जुड़ने वाले 20 सांसदों के गुट ने अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है। इस नई सूची में पूर्व क्रिकेटर और बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) समेत सात सांसदों को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं, लेकिन जादवपुर सांसद सायोनी घोष (Sayani Ghosh) जैसे चर्चित चेहरों को कोई पद नहीं मिला है।
हालांकि, इस नए गुट के विलय को लेकर अभी तक लोकसभा अध्यक्ष के स्तर पर आधिकारिक फैसला लंबित है।
यूसुफ पठान बने NCPI के उपाध्यक्ष
2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर बहरामपुर से सांसद बने यूसुफ पठान को NCPI का उपाध्यक्ष (Vice President) नियुक्त किया गया है। यूसुफ पठान ने मूल रूप से टीएमसी के टिकट पर यह चुनाव लड़ा था। अब एनसीपीआई की ओर से घोषित पदाधिकारियों की सूची में उनका नाम शामिल होने के बाद पार्टी के भीतर जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
सायोनी घोष को नहीं मिली जगह, उठ रहे सवाल
एनसीपीआई की नई टीम में जादवपुर से लोकसभा सांसद सायोनी घोष का नाम शामिल नहीं है।
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उन्हें फिलहाल पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
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गौरतलब है कि सायोनी घोष हालिया मॉनसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठकों में नजर आई थीं, इसलिए उनका पत्ता कटना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
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टीएमसी में रहने के दौरान सायोनी को ममता बनर्जी ने ‘तृणमूल युवा कांग्रेस’ का अध्यक्ष बनाया था।
अन्य नियुक्तियां: किसे क्या मिला?
NCPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी ज्योतिप्रकाश चटर्जी संभाल रहे हैं। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद के लिए यूसुफ पठान के साथ-साथ निम्नलिखित नेताओं को चुना गया है:
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अबू ताहेर खान
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दीपक अधिकारी देव
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जगदीश चंद्र वर्मा बासुनिया
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रचना बनर्जी
महासचिव (General Secretary) की जिम्मेदारी बापी हल्दर को सौंपी गई है।
काकोली दस्तीदार और सुदीप बंदोपाध्याय के नाम भी गायब?
नई सूची में टीएमसी के दिग्गज चेहरे रहे सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार के नाम भी शामिल नहीं हैं।
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हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों नेताओं को इस गुट में पहले ही बड़ी जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं। सुदीप बंदोपाध्याय को सदन का नेता (Floor Leader) और काकोली घोष दस्तीदार को मुख्य सचेतक (Chief Whip) बनाया गया है।
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शताब्दी रॉय को उप नेता (Deputy Leader) की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।
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बता दें कि टीएमसी में बगावत से पहले ममता बनर्जी ने इन दोनों नेताओं के पदों में फेरबदल करते हुए अभिषेक बनर्जी को सदन का नेता और कल्याण बनर्जी को मुख्य सचेतक बना दिया था।
अब लोकसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार
एनसीपीआई की नई टीम के ऐलान के बाद अब सभी की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष पर टिकी हैं। तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए इस 20 सांसदों के गुट को अब तक लोकसभा में आधिकारिक मान्यता (Official Recognition) नहीं मिली है। लोकसभा अध्यक्ष के फैसले के बाद ही संसद के भीतर इस नए गुट की राजनीतिक दिशा और कानूनी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।
