2027 से पहले यूपी कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, आराधना मिश्रा ‘मोना’ बनी प्रदेश अध्यक्ष

mona mishra

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव किया है। रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। सहारनपुर के लोकसभा सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व मिला है, जबकि देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।

आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा कुछ समय से चल रही थी। इस नियुक्ति के साथ अब उन्हें राज्य में पार्टी संगठन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दो दशक से अधिक का राजनीतिक अनुभव

प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली आराधना मिश्रा तीन बार विधायक चुनी जा चुकी हैं। वह कांग्रेस विधायक दल की नेता का पद भी संभाल चुकी हैं। दो दशक से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में रहने के कारण उन्हें प्रदेश की राजनीति की समझ रखने वाले कांग्रेस नेताओं में गिना जाता है।

आराधना वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। उनके पिता रामपुर खास से नौ बार विधायक रहे और बाद में राज्यसभा सदस्य बने। इस विधानसभा क्षेत्र में तिवारी परिवार का राजनीतिक प्रभाव करीब 47 वर्षों से रहा है।

प्रियंका गांधी के अभियान में निभाई थी सक्रिय भूमिका

आराधना मिश्रा को प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी नेताओं में माना जाता है। उत्तर प्रदेश में प्रियंका के नेतृत्व में चलाए गए ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में उन्होंने सक्रिय भागीदारी की थी।

प्रदेश की राजनीति और पार्टी के अभियानों में काम करने का अनुभव अब उनकी नई जिम्मेदारी से जुड़ गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की कमान संभालना उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

इमरान मसूद को संगठन में नई जिम्मेदारी

सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश कांग्रेस संगठन में काम करने का उन्हें पहले भी अनुभव है। वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस में उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

इसी फेरबदल के तहत देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। इन नियुक्तियों के साथ प्रदेश स्तर पर नेतृत्व और जिम्मेदारियों का नया बंटवारा हुआ है।

ब्राहृमण वोट बैंक साधने से जोड़कर देखा जा रहा फैसला

आराधना मिश्रा की नियुक्ति की चर्चा कांग्रेस की सामाजिक रणनीति के संदर्भ में भी हो रही है। पार्टी के भीतर लंबे समय से उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण समुदाय में अपनी पहुंच मजबूत करने की जरूरत पर बातचीत होती रही है।

ऐसे में एक ब्राह्मण चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाना इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुआ यह नेतृत्व परिवर्तन कांग्रेस के लिए अहम साबित हो सकता है।