चंदौली में क्या BJP फिर दिखाएगी दम या 2024 लोकसभा का इतिहास दोहराएगी SP? समझें सभी 4 सीटों का समीकरण

akhilesh yadav

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच वाराणसी मंडल का चंदौली जिला पूर्वांचल के सबसे हॉट राजनीतिक केंद्रों में शुमार हो गया है। यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच हमेशा से कांटे की टक्कर देखने को मिलती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भले ही बीजेपी ने जिले की चार में से तीन सीटों पर कब्जा जमाया हो, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने यहां बाजी पलट दी थी। ऐसे में 2027 का रण दोनों दलों के लिए बेहद दिलचस्प होने वाला है।

चंदौली की जनसांख्यिकी और सामाजिक संरचना

2011 की जनगणना के अनुसार, चंदौली जिले की कुल आबादी 19,52,756 है, जिसमें 10,17,905 पुरुष और 9,34,851 महिलाएं शामिल हैं। जिले का लिंग अनुपात 918 और साक्षरता दर 71.5% है। धार्मिक आधार पर यहां लगभग 88.5% हिंदू और 11% मुस्लिम आबादी है। जातिगत समीकरणों की बात करें तो जिले में अनुसूचित जाति की आबादी लगभग 22.9% (4,46,786) है, जबकि अनुसूचित जनजाति के करीब 41,725 मतदाता हैं। इसके अलावा यादव, कुर्मी, राजभर, मौर्य, ब्राह्मण और क्षत्रिय मतदाता भी हार-जीत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे: BJP 3, SP 1

पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि समाजवादी पार्टी ने सभी सीटों पर कड़ी टक्कर देते हुए दूसरा स्थान हासिल किया था।

  • मुगलसराय: बीजेपी के रमेश जायसवाल ने 1,02,216 वोट पाकर सपा के चंद्रशेखर यादव (87,295 वोट) को 14,921 वोटों के अंतर से हराया था।

  • सकलडीहा: यह जिले की इकलौती सीट थी जहां सपा के प्रभु नारायण यादव (86,328 वोट) ने बीजेपी के सूर्यमुनि तिवारी (69,667 वोट) को शिकस्त दी थी।

  • सैयदराजा: बीजेपी के सुशील सिंह ने 87,891 वोट हासिल कर सपा के मनोज कुमार (76,974 वोट) को पराजित किया था।

  • चकिया (SC): आरक्षित सीट पर बीजेपी के कैलाश खरवार ने 97,812 वोट पाकर सपा के जितेंद्र कुमार (88,561 वोट) को 9,251 वोटों से हराया था।

2024 लोकसभा चुनाव का असर और 2027 की चुनौती

चंदौली लोकसभा सीट पर 2024 के आम चुनाव में सपा के बीरेंद्र सिंह ने बीजेपी के दिग्गज नेता महेंद्र नाथ पांडेय को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान सपा ने जिले की विधानसभा सीटों पर भी अच्छी बढ़त बनाई थी। 2027 के विधानसभा चुनाव में एक तरफ जहां बीजेपी के सामने अपनी तीनों सीटें बचाने और सकलडीहा में वापसी की चुनौती होगी, वहीं समाजवादी पार्टी अपने लोकसभा के प्रदर्शन को दोहराकर पूर्वांचल के इस अहम जिले में अपनी सियासी जमीन को और मजबूत करने उतरेगी।