केंद्रीय कैबिनेट के 4 बड़े फैसले: कर्मचारियों के DA में 3% का इजाफा, गांव और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए खुले खजाने

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केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते का बड़ा तोहफा दिया है। इसके साथ ही गांवों के विकास और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को रफ्तार देने के लिए तीन अन्य बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार के इन चार प्रमुख फैसलों की जानकारी साझा की।

केंद्रीय कर्मचारियों का DA बढ़कर 63% हुआ

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इस इजाफे के बाद DA 63 प्रतिशत हो गया है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए इस फैसले से 48 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

गांवों के लिए PM VGSY को मंजूरी

स्थानीय स्तर पर शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और गांवों के समग्र विकास के लिए कैबिनेट ने ‘प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना’ (PM VGSY) को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के लिए 7,395.55 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इससे 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों के 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों को फायदा पहुंचेगा।

खेल उपकरणों के निर्माण के लिए 1800 करोड़

भारत को वैश्विक स्तर पर खेल उपकरणों के निर्माण (Sports Goods Manufacturing) में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ शुरू की गई है। वित्तीय वर्ष 2026 से 2033-34 तक चलने वाली इस योजना के लिए 1,856.67 करोड़ रुपये का वित्तीय खर्च निर्धारित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में खेलों के सामान की मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देना और एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार करना है।

कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग का नया हब बनेगा भारत

घरेलू स्तर पर कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रोत्साहन योजना’ को भी मंजूरी मिली है। अगले 13 वर्षों (वित्त वर्ष 2039-40) तक इस योजना पर कुल 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत कंपनियों को ब्याज सब्सिडी सहायता, परीक्षण एवं प्रमाणन सहायता, लैंड लीजिंग सपोर्ट (Land Leasing Support) और परिचालन व्यय में मदद दी जाएगी। मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी ये दोनों नई योजनाएं अलग-अलग क्षेत्रों की चुनौतियों को दूर करने के प्रधानमंत्री के मिशन का हिस्सा हैं।