September 15, 2026

जंतर-मंतर CJP प्रदर्शन: ‘सिर फोड़ने’ वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने बदला बयान, बताया सेल्फ डिफेंस

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में नया मोड़ आ गया है। वायरल पॉडकास्ट में छात्रा निशु आजाद के पिता पर जानलेवा हमला करने और बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के नाम पर जेल जाने से बचने का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने अब अपने बयान से यू-टर्न ले लिया है। भारद्वाज का कहना है कि उसे एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और उसने जो भी किया, वह हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा (Self Defense) थी।

‘कड़ा गलती से लगा, नहीं तो हो जाती मॉब लिंचिंग’ पुलिस जांच में पूरा सहयोग देने का दावा करते हुए स्वतंत्र ने सफाई दी है कि वायरल पॉडकास्ट वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उसने कहा कि वह निशु या उसके पिता को पहले से नहीं जानता था। घटना वाले दिन निशु और उसके पिता कैमरे पर उसके और मीडिया के खिलाफ गलत बयानबाजी कर रहे थे। खुद को एक ‘सनातन इन्फ्लुएंसर’ बताते हुए स्वतंत्र ने कहा कि अपनी छवि बचाने के लिए उसने केवल उनका कैमरा नीचे किया था।

स्वतंत्र का दावा है कि कैमरा नीचे करते ही 15-20 लोगों की भीड़ ने उसे गिरा दिया और उस पर हमला कर दिया। अपनी जान बचाने और ‘मॉब लिंचिंग’ से बचने के लिए उसने हाथ चलाया, जिसमें उसका कड़ा गलती से निशु के पिता के सिर पर लग गया। उसका इरादा किसी का सिर फोड़ना नहीं था।

CJP की मांगों और भड़काऊ नारों पर स्वतंत्र के दावे भारद्वाज ने प्रदर्शन के दौरान की गई नारेबाजी और माहौल को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • मांगों पर आंशिक सहमति: उसने बताया कि वह 6 जून को जंतर-मंतर गया था और CJP की 3 में से 2 मांगों का समर्थन भी करता था। उसे सिर्फ इस बात पर आपत्ति थी कि जवाबदेही और इस्तीफा दोनों एक साथ मांगे जा रहे थे।
  • विवादित नारेबाजी: स्वतंत्र का आरोप है कि प्रदर्शन स्थल पर माहौल खराब था और वहां ‘उमर खालिद जिंदाबाद’, ‘फ्री उमर खालिद’ और ‘ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद’ जैसे भड़काऊ नारे लगाए जा रहे थे।
  • संतों का अपमान: उसने दावा किया कि वहां प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द बोले जा रहे थे और प्रेमानंद महाराज जैसे सम्मानित संतों को ‘पाखंडी’ कहकर अपमानित किया जा रहा था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सका।