त्योहारों से पहले बढ़ी चीनी की कीमत, जानिए 2026 में कितनी महंगी होगी
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी ने त्योहारों से पहले रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। कुछ समय पहले कई खुदरा बाजारों में चीनी करीब 45-48 रुपये किलो के आसपास बिक रही थी। अब कुछ स्थानीय बाजारों में कीमत 55-65 रुपये किलो तक पहुंचने की जानकारी है। वहीं, प्रीमियम ब्रांड और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कीमत इससे भी ज्यादा दिखाई दे रही है।
कीमतों में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब त्योहारों के साथ चीनी की मांग बढ़ने लगी है। मिठाई दुकानों, हलवाइयों और घरेलू खरीदारों की मांग बढ़ने से बाजार पर दबाव है।
चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। पहली वजह उत्पादन से जुड़ी है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में मौसम और बारिश की स्थिति का असर उत्पादन पर पड़ा है। इससे बाजार में उपलब्ध चीनी के अनुमान पर दबाव आया।
दूसरी वजह त्योहारों की बढ़ती मांग है। रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की खपत बढ़ती है। इससे बाजार में मांग अचानक बढ़ जाती है।
भारत चीनी का आयात क्यों कर रहा है?
भारत दुनिया के प्रमुख चीनी उत्पादक और उपभोक्ता देशों में शामिल है। इसके बावजूद त्योहारों के सीजन से पहले घरेलू उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने चीनी आयात की अनुमति दी है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 10 लाख टन रॉ शुगर को Duty-Free TRQ के तहत आयात करने की अनुमति दी है।
इसका मतलब यह नहीं है कि देश में चीनी पूरी तरह खत्म हो गई है। बल्कि मांग और उपलब्ध स्टॉक के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए आयात का सहारा लिया जा रहा है।
