SCO में मोदी के साथ पुतिन-जिनपिंग, शहबाज ने पकड़ा पुतिन का हाथ
बिश्केक: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक मंच पर एक असहज स्थिति देखने को मिली। सम्मेलन में आधिकारिक ग्रुप फोटो सेशन से पहले और बाद में जहां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गर्मजोशी से मिलते और बातचीत करते दिखे, वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पास ही खड़े यह सब देखते रह गए।
ग्रुप फोटो के दौरान दिखे अलग-थलग
न्यूज एजेंसी द्वारा जारी फुटेज के अनुसार, ग्रुप फोटो के लिए तय स्थान पर जाने से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से अभिवादन किया। इसके अलावा पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से भी मुलाकात की, जबकि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ भी एक आत्मीय पल साझा किया।
फोटो सेशन खत्म होने के बाद जब पीएम मोदी और शी जिनपिंग आपस में बातचीत करते हुए आगे बढ़ रहे थे, उस वक्त शहबाज शरीफ वहीं बगल में खड़े होकर दोनों नेताओं की बातचीत को देखते नजर आए।
पुतिन का हाथ पकड़कर खींचा ध्यान
पोडियम से हटने के बाद शहबाज शरीफ और व्लादिमीर पुतिन के बीच का घटनाक्रम भी चर्चा का विषय बना। ग्रुप फोटो के बाद जब पुतिन मंच से बाहर निकलने लगे, तो शहबाज शरीफ तेजी से उनकी ओर बढ़े। फुटेज में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पुतिन का हाथ पकड़ते दिखे, जिसके बाद रूसी राष्ट्रपति रुके, मुड़े और उनसे संक्षिप्त बातचीत की।
मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय बैठक में उठे अहम मुद्दे
शिखर सम्मेलन के इतर पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक भी हुई।
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पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में ठोस प्रयासों का आग्रह किया और रेखांकित किया कि लंबे समय तक चलने वाला युद्ध मानवता के हित में नहीं है।
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दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा सहित भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा की।
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बैठक के बाद दोनों नेता ‘नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह के लिए पुतिन की आधिकारिक लिमोज़ीन कार में एक साथ रवाना हुए।
अब तक के SCO शिखर सम्मेलनों का विवरण
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2001 (14–15 जून): चीन (शंघाई)
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2002 (7 जून): रूस (सेंट पीटर्सबर्ग)
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2003 (29 मई): रूस (मॉस्को)
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2004 (17 जून): उज्बेकिस्तान (ताशकंद)
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2005 (5 जुलाई): कजाकिस्तान (अस्ताना)
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2006 (15 जून): चीन (शंघाई)
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2007 (16 अगस्त): किर्गिस्तान (बिश्केक)
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2008 (28 अगस्त): ताजिकिस्तान (दुशांबे)
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2009 (15–16 जून): रूस (येकातेरिनबर्ग)
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2010 (10–11 जून): उज्बेकिस्तान (ताशकंद)
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2011 (14–15 जून): कजाकिस्तान (अस्ताना)
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2012 (6–7 जून): चीन (बीजिंग)
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2013 (13 सितंबर): किर्गिस्तान (बिश्केक)
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2014 (11–12 सितंबर): ताजिकिस्तान (दुशांबे)
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2015 (9–10 जुलाई): रूस (उफा)
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2016 (23–24 जून): उज्बेकिस्तान (ताशकंद)
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2017 (8–9 जून): कजाकिस्तान (अस्ताना)
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2018 (9–10 जून): चीन (छिंगदाओ)
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2019 (14–15 जून): किर्गिस्तान (बिश्केक)
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2020 (10 नवंबर): रूस (वीडियो कॉन्फ्रेंस)
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2021 (16–17 सितंबर): ताजिकिस्तान (दुशांबे)
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2022 (15–16 सितंबर): उज्बेकिस्तान (समरकंद)
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2023 (4 जुलाई): भारत (वीडियो कॉन्फ्रेंस)
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2024 (3–4 जुलाई): कजाकिस्तान (अस्ताना)
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2025 (31 अगस्त–1 सितंबर): चीन (तियानजिन)
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2026 (31 अगस्त–1 सितंबर): किर्गिस्तान (बिश्केक)
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2027 (प्रस्तावित): पाकिस्तान (इस्लामाबाद)
