UPSC के 100 साल पूरे होने पर पीएम मोदी बोले- ‘परीक्षाओं में देरी से युवाओं का भविष्य प्रभावित’

pm modi birthday

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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक मौके पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश की इस प्रतिष्ठित संस्था की विश्वसनीयता की सराहना की, लेकिन साथ ही परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि देश तेजी से बदल रहा है, इसलिए परीक्षा कराने वाली संस्थाओं को भी बदलती जरूरतों के हिसाब से खुद को अपग्रेड करना होगा। परीक्षाओं में होने वाली देरी पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है।

इन 10 पॉइंट्स में समझें UPSC को लेकर पीएम मोदी का विजन:

  1. युवाओं के भविष्य का सवाल: पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा को केवल एक आयोजन या ‘इवेंट’ की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। इससे लाखों युवाओं का भविष्य जुड़ा है। परीक्षा प्रक्रिया में कुछ महीनों की देरी भी युवाओं के लिए भारी मुश्किलें पैदा कर सकती है।

  2. समय के साथ बदलाव जरूरी: प्रधानमंत्री ने UPSC की परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में लगातार सुधार की वकालत की। उन्होंने कहा कि देश की जरूरतें बदल रही हैं और परीक्षा संस्थाओं को भी इन बदलावों के साथ कदम मिलाकर चलना होगा।

  3. UPSC पर देश का भरोसा कायम: संस्था की लंबी यात्रा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस दौरान कई पीढ़ियां और सरकारें बदलीं, तकनीक और सिलेबस भी बदले, लेकिन UPSC की पारदर्शिता पर देशवासियों का भरोसा हमेशा कायम रहा।

  4. आने वाले 25 साल अहम: उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे देश के लिए आने वाले 20 से 25 साल बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में UPSC जैसी संस्थाओं की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

  5. ‘नेशन फर्स्ट’ और ‘सिटीजन फर्स्ट’: भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रधानमंत्री ने दो अहम पैमाने तय किए—’नेशन फर्स्ट’ (Nation First) और ‘सिटीजन फर्स्ट’ (Citizen First)। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में होने वाले हर चयन को इन्हीं कसौटियों पर परखा जाना चाहिए।

  6. उम्मीदवार का नजरिया जरूरी: पीएम मोदी ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में उम्मीदवार के ज्ञान के साथ यह भी परखा जाना चाहिए कि वह आखिर सार्वजनिक सेवा (Public Service) में क्यों आना चाहता है।

  7. 2047 का नया भारत: उन्होंने कहा कि 2047 का भारत आज से काफी अलग होगा। देश अधिक शहरीकृत होगा और भविष्य में गांवों तथा शहरों के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा।

  8. तकनीक और AI का प्रभाव: एआई (AI) और आधुनिक तकनीक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब मशीनें कुछ ही पलों में हजारों दस्तावेजों को प्रोसेस कर सकती हैं और सरकार के पास रियल टाइम डेटा उपलब्ध है, तो जनता की उम्मीदें भी उसी तेजी से बदलती हैं।

  9. छोटे शहरों और महिलाओं की भागीदारी बढ़ी: पीएम मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि अब UPSC केवल बड़े शहरों या संपन्न परिवारों तक सीमित नहीं है। गांवों और छोटे शहरों के युवा भी इसमें सफलता पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1952 में सिविल सेवाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 3% थी, जो अब बढ़कर 30% से अधिक हो गई है।

  10. सरकार का प्रतिनिधि चुनता है UPSC: प्रधानमंत्री ने कहा कि UPSC की जिम्मेदारी केवल परीक्षा कराने तक सीमित नहीं है। आयोग जिस उम्मीदवार का चयन करता है, वह आगे चलकर सिस्टम में सरकार के एक मजबूत प्रतिनिधि के तौर पर काम करता है।