September 15, 2026

सहारनपुर मस्जिद विवाद: मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने की निंदा, दिया पूजा स्थल कानून का हवाला

Khalid Rasheed Firangi Mahali

सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी के साथ-साथ धार्मिक बहस भी तेज हो गई है। प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने इस प्रशासनिक कार्रवाई की सख्त निंदा करते हुए सभी सरकारों और प्रशासन से देश में पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की है।

धार्मिक भावनाओं को पहुंची ठेस मस्जिद गिराए जाने की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना खालिद रशीद ने स्पष्ट किया कि मस्जिदें मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद गहरा धार्मिक महत्व रखती हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ऐसी अचानक की गई कार्रवाइयों से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में किसी भी धर्म के पूजा स्थल को इस तरह से नुकसान न पहुंचाया जाए।

‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ का दिया हवाला प्रशासनिक कार्रवाई पर कानूनी सवाल खड़े करते हुए धार्मिक नेता ने संसद द्वारा पारित ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ (पूजा स्थल कानून) का विशेष रूप से जिक्र किया।

  • उन्होंने याद दिलाया कि इस कानून के तहत 15 अगस्त 1947 में देश के पूजा स्थलों की जो स्थिति थी, उसे जस का तस बनाए रखने का कड़ा प्रावधान है।

  • मौलाना रशीद ने दावा किया कि अयोध्या मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक और अंतिम फैसले में भी इस कानून के महत्व और इसकी पवित्रता को प्रमुखता से रेखांकित किया गया था।

मुस्लिम समुदाय से की शांति बनाए रखने की अपील मौलाना खालिद रशीद ने देश की साझा संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि सभी धर्मों के पूजा स्थलों की सुरक्षा करना भारत की महान परंपरा रही है। सरकार को नसीहत देने के साथ ही उन्होंने आम जनता के लिए भी खास संदेश जारी किया:

  • सौहार्द की अपील: उन्होंने मुस्लिम समुदाय से शांति और सांप्रदायिक सद्भाव हर हाल में बनाए रखने की अपील की है।

  • संविधान पर भरोसा: उन्होंने अवाम से कहा कि जज्बाती होने के बजाय देश की न्यायिक और संवैधानिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखें।

  • कानूनी कार्रवाई की उम्मीद: उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रशासन और सरकार सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करते हुए केवल कानून के दायरे में ही अपनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, जिससे समाज में विश्वास और सौहार्द कायम रह सके।