ईरान के नए रक्षा मंत्री मेहराद अखलाकी की ट्रंप को चेतावनी- ‘ताबूत में लौटेंगे सैनिक’

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आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद ईरान की संसद ने रविवार को देश के नए रक्षा मंत्री के नाम पर मुहर लगा दी है। मेहराद अखलाकी केटाब्ची (Mehrdad Akhlaghi) ने ईरान के नए रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है।

अमेरिका को दी विनाशकारी जवाब की चेतावनी

नए रक्षा मंत्री अखलाकी ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ कोई भी गलत कदम उठाया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की जनता और इस्लाम के रक्षकों की ओर से ऐसा हैरान करने वाला और विनाशकारी जवाब मिलेगा, जिसकी अमेरिका ने कल्पना भी नहीं की होगी।

अखलाकी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को नसीहत देते हुए कहा कि वे अपने सैनिकों को सुरक्षित क्षेत्र से वापस बुलाने पर ध्यान दें। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर ईरान की धरती पर एक भी बम गिराया गया, तो अमेरिका को अपने सैनिकों के ताबूत गिनने पड़ेंगे।

‘मदर ऑफ ऑल बम’ की रिपोर्ट के बाद आया बयान

ईरानी रक्षा मंत्री का यह तीखा बयान उन अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के तुरंत बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ईरान के परमाणु ठिकानों पर सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम ‘GBU-43/B’ (जिसे ‘मदर ऑफ ऑल बम’ भी कहा जाता है) गिराने की योजना पर विचार कर रही है।

कौन हैं मेहराद अखलाकी?

मेहराद अखलाकी दशकों से ईरान के एयरोस्पेस और मिसाइल कार्यक्रमों से गहराई से जुड़े रहे हैं। उनकी नियुक्ति से ईरान के सैन्य ढांचे और आधुनिक रक्षा तकनीकों के विकास को तेज करने की रणनीति साफ नजर आती है। अखलाकी ने माजिद इब्न अल-रेजा की जगह ली है। अल-रेजा फरवरी में पूर्व रक्षा मंत्री अजीज नसिरजादेह के अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारे जाने के बाद से यह अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर में लगी आग

इन बढ़ते सैन्य तनावों के बीच, सामरिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक और गंभीर घटना सामने आई है। यहां एक समुद्री बारूदी सुरंग (Naval Mine) की चपेट में आने से 20 लाख बैरल कच्चे तेल से भरे एक विशाल टैंकर में आग लग गई। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही संवेदनशील सुरक्षा हालात को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।